
महराजगंज। प्रस्तावित रेल मार्ग निर्माण से प्रभावित किसानों के लिए राहत की खबर है। इसको लेकर मुआवजे से जुड़ी समस्या अगले माह दूर हो जाएगी। 14 गांव के किसानों को फरवरी से मुआवजा मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 150 करोड़ की धनराशि रेलवे की ओर से भूमि अध्याप्ति विभाग को फरवरी में जारी कर दी जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
घुघुली से महराजगंज होते हुए आनंदनगर तक प्रस्तावित 52.70 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण का निर्माण कार्य लगभग अंतिम दौर में है। वहीं दूसरे चरण में प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी की जा रही है।
पहले चरण में घुघुली से महराजगंज तक रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है जबकि दूसरे चरण में महराजगंज से आनंदनगर तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। पहले चरण में कुल 29 और दूसरे चरण में 23 गांव परियोजना से प्रभावित हुए हैं। इन गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अधिकांश किसानों को मुआवजा भी वितरित किया जा चुका है। अभी भी 23.38 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरण शेष है। इसे जल्द ही पूरा करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
इसी तरह दूसरे चरण के नौ गांवों में मुआवजा वितरण किया जा रहा है। इनमें रुद्रापुर, रम्हौली, कांध, रुधौली भावचक, रामनगर, पकड़ी नौनियां, जंगल दुधई उर्फ चेहरी, पिपरा रसूलपुर और सिसवा अमहवा शामिल हैं। इन गांवों में अब तक 142 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों को वितरित की जा चुकी है। जबकि 48 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित करना शेष है।
नई रेल लाइन के पहले चरण में घुघली से महराजगंज तक 24.8 किलोमीटर के दायरे में कुल 55 परिसंपत्तियों को चिह्नित किया गया था। इनमें मकान, दुकान, कुएं, बोरिंग, पेड़ और अन्य संरचनाएं शामिल थीं। इन परिसंपत्तियों के मुआवजा वितरण के लिए 12.92 करोड़ रुपये का अवार्ड बनाया गया था। इसमें से 11.88 करोड़ रुपये का भुगतान संबंधित लाभार्थियों को किया जा चुका है। जबकि 1.03 करोड़ रुपये का मुआवजा अभी शेष है।