Maharajganj News : सरहद पार चल रहा 'खामोश खेल'! अवैध गोदामों से नेपाल जा रही यूरिया, कैरियर बन रहे मोहरे

03 Jan 2026 12:03:01

महराजगंज। नेपाल बॉर्डर इलाके में खाद तस्करी का खेल खुले आम चल रहा है और ज़िम्मेदारों की नज़र इसपर अभी तक नहीं पड़ी है। खादों के अवैध गोदामों पर किसी का ध्यान नहीं है। मौका देखकर तस्कर इन गोदामों से यूरिया सरहद पार कर रहे हैं।

खाद की तस्करी से मोटा मुनाफा कमा रहे धंधेबाज कैरियरों को मात्र 500 से 600 रुपये देते हैं। यह रकम भी खाद को सरहद पार नेपाल ले जाने पर दूरी के हिसाब से दी जाती है। हाल के दिनों सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई में बॉर्डर एरिया में खाद की बरामद की हुई है लेकिन तस्करों की सक्रियता भी बनी हुई है।

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सूत्रों के अनुसार, धंधेबाजों की ओर से खाद को वाहनों से लाकर बॉर्डर से सटे अवैध गोदामों में डंप कर दिया जाता है। फिर वह लोग धंधेबाज के निर्देश पर मौका मिलते ही बाइक और साइकिल से खाद की बोरियों को सरहद पार कर नेपाल पहुंचा देते हैं। खाद को सीमावर्ती अवैध गोदाम से नेपाल के तय स्थान तक पहुंचाने के बाद भी उन्हें धंधेबाज रकम देते हैं।

दिनभर में एक कैरियर आसानी से चार से पांच चक्कर खाद पहुंचा देता है। ऐसे में धंधेबाज खाद पर कम पूंजी लगाकर मामूली खर्चे में लाखों रुपये कमा रहे हैं। बॉर्डर क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द, ठूठीबारी, रामनगर, बरगदवा, भगवानपुर, परसामलिक, श्यामकाट समेत अन्य क्षेत्र में अवैध खाद का गोदाम होने की बात कही जा रही है। ये गोदाम उन स्थानों पर हैं, जहां लोगों की आवाजाही कम होती है।

रात में खाद रखकर छोड़ दिया जाता है। मौका देखकर उसे कैरियरों के माध्यम से सरहद पार करा दिया जाता है। बॉर्डर क्षेत्र में तस्करों ने ऐसा नेटवर्क बना रखा है कि जिन क्षेत्रों में निगरानी में ढील होती है वहीं से खाद को बॉर्डर पार कर दिया जाता है।


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