Maharajganj News : आवास योजना में बड़ी चूक! किसकी लापरवाही से अटकी जांच, क्यों रोका गया अधिकारियों का वेतन?

31 Jan 2026 12:11:50

महराजगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित आवास प्लस सर्वेक्षण–2024 में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) रामदरश चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है।

निर्धारित समय सीमा में सेल्फ सर्वे के चेकर द्वारा अपात्र परिवारों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया पूरी न करने पर प्रशासन ने तीन विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) और तीन सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) का जनवरी 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्णय लिया है।

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परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण रामदरस चौधरी ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी विकास खंडों में आवास प्लस सर्वे के अंतर्गत किए गए सेल्फ सर्वे का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने के आदेश दिए गए थे।

सत्यापन के दौरान जो परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरते पाए, उनके नाम सूची से हटाना अनिवार्य किया गया था। इसके लिए 29 जनवरी 2026 तक की स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की गई थी।
परियोजना निदेशक के अनुसार समय से कार्य पूरा कराने के उद्देश्य से संबंधित विकास खंड अधिकारियों और सहायक विकास अधिकारियों को बार-बार पत्राचार के माध्यम से निर्देश जारी किए गए।

जांच में सामने आया कि विकास खंड निचलौल में कुल 2005 डाटा का पुनः सत्यापन वेरीफायर के माध्यम से नहीं कराया गया। इसी प्रकार विकास खंड धानी में 785 और लक्ष्मीपुर में 2,375 डाटा का सत्यापन निर्धारित समयसीमा तक पूरा नहीं हो सका।

प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तीनों विकास खण्ड अधिकारियों का जनवरी माह 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश जारी किया है। इतना ही नहीं, अन्य विकास खंडों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।


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