महराजगंज। ठंड का मौसम और अनियमित दिनचर्या का असर लोगों की सेहत पर साफ़ दिखने लगा है। इससे सर्वाइकल मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कंधे और गर्दन के पास दर्द से परेशान होकर प्रतिदिन 60 से 70 मरीज केएमसी मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को परामर्श और दवाओं के साथ ही जरूरी थेरेपी कराने की सलाह दे रहे हैं। ठंड से पहले मरीजों की संख्या से 30 से 40 हुआ करती थी।
केएमसी मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग की ओपीडी में सोमवार को मिले नरेंद्र कुमार ने बताया कि ठंड के समय सर्वाइकल की समस्या बढ़ गई है। डॉक्टर को अभी दिखाया है। उन्होंने दवा देने साथ फिजियोथेरेपी कराने व सावधानी बरतने की सलाह दी है। शांति देवी ने बताया कि उन्हें कंधे के साथ हाथ में दर्द हो रहा है। दर्द की दवा का असर जब तक रहता है, तब तक आराम रहता है।
केएमसी मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. डीके कुशवाहा ने बताया कि सर्वाइकल की सबसे बड़ी वजह मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप पर गलत ढंग से काम करने और अधिक समय बिताना है। दवा और फिजियोथेरेपी से ये परेशानी ठीक हो जाती है।
सर्वाइकल से बचाव के लिए ऊनी कपड़े पहनें। नियमित योग व व्यायाम बहुत आवश्यक है। सर्दियों में तापमान में कमी के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं और विटामिन डी की कमी वाले लोगों में हड्डियों और जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है। ऐसे में सर्दियों के मौसम की धूप लोगों को हड्डी और जोड़ों के दर्द से बचाएगी। सुबह या दोपहर को बुजुर्ग धूप जरूर लें।