
महराजगंज। अपराधियों को अपराध की सजा दिलाने की प्रक्रिया (ऑपरेशन कन्विक्शन) और मजबूत करने के लिए पुलिस ने अहम् बदलाव किए हैं। अब डायल 112 की पीआरवी के जिम्मे घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने के साथ ही फोरेंसिक टीम के पहुंचने तक क्राइम सीन को पूरी तरह सुरक्षित रखने की भी जिम्मेदारी होगी।
जनपद में अब डायल 112 की पीआरवी (पायलट रिस्पांस व्हीकल) क्राइम सीन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। जिले में 35 से अधिक पीआरवी वाहन हैं। अक्सर वारदात के बाद पुलिस के पहुंचने से पहले ही लोग घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं।
इससे फिंगर प्रिंट्स, फुट प्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य प्रभावित होते हैं। नए निर्देश के क्रम में अब घटनास्थल की सुरक्षा के लिए पीआरवी टीम के सदस्य घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित करेंगे।
पीआरवी टीम के सदस्यों को नई जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें घटनास्थल के चारों ओर येलो टेप की घेराबंदी कैसे करनी यह सिखाया जाएगा। स्थानीय पुलिस टीम के न आने तक किन बिंदुओं पर निगरानी रखनी इसके बारे में भी बताया जाएगा।