
महराजगंज। बुधवार शाम चार बजे बैराज से पानी का डिस्चार्ज घटकर 1 लाख 19 हजार क्यूसेक रह गया। जलस्तर कम होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को राहत मिली है। हालांकि, कई स्थानों पर संपर्क मार्गों से पानी पूरी तरह नहीं हटा है।
बाढ़ के कारण सोहगीबरवा क्षेत्र के भोतहा और शिकारपुर के कई टोलों में पानी भर गया था। संपर्क मार्गों पर पानी आने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार को जलस्तर घटने के बाद अधिकांश स्थानों पर पानी घुटने से नीचे रह गया है। हालांकि, सोहगीबरवा गांव में क्षतिग्रस्त सड़क के कुछ हिस्सों में अब भी पानी जमा है। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान शिकारपुर जाने वाले रास्ते में भी कुछ स्थानों पर गहरा पानी मिला।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम अवनीश त्रिपाठी और तहसीलदार अमित सिंह ने मौके पर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान पानी के बीच से गुजरने में छोटे बच्चों को परेशानी होती देख दोनों अधिकारियों ने बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित तरीके से पानी पार कराया।
अधिकारियों के इस मानवीय प्रयास ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। इसके बाद प्रशासनिक टीम सोहगीबरवा पहुंची और बाढ़ के बाद की स्थिति का जायजा लिया।
एसडीएम की अध्यक्षता में तहसीलदार अमित सिंह, डीआरओ श्रेया मिश्रा, बीडीओ और एमओआईसी समेत संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने और ग्रामीणों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
गंडक नदी का जलस्तर लगातार घटने से निचलौल और सोहगीबरवा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित इलाकों में निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।