महराजगंज। नवरात्र से दिवाली तक व्रत में इस्तेमाल होने वाले सिंघाड़े के दाम इस बार बढ़ गए हैं। जिले में पिछले साल के मुकाबले सिंघाड़े की पैदावार कम होने से बाजार में इसकी कीमत 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। पिछले साल सिंघाड़ा करीब 40 से 45 रुपये किलो बिक रहा था। वहीं, किसानों के मुताबिक, बेहतर उत्पादन के दौरान इसका भाव 35 से 40 रुपये किलो तक था।
कम बारिश से घटा सिंघाड़े का उत्पादन
जिले में सिंघाड़े की खेती मुख्य रूप से चौपरिया, बघौना और सरुआ ताल जैसे इलाकों में होती है। यहां किसान बड़े पैमाने पर तालाबों में सिंघाड़ा उगाते हैं। जिले में कुल 3400 पंजीकृत तालाब हैं, जिनमें से 1700 तालाब पट्टे पर हैं। इन तालाबों में मछली पालन के साथ सिंघाड़े जैसे जलीय फल भी उगाए जाते हैं।
इस बार कम बारिश और तालाबों में पानी का स्तर घटने से सिंघाड़े की पैदावार पर असर पड़ा है।
किसानों का कहना है कि उत्पादन पिछले साल की तुलना में करीब आधा रह गया है।
बाहर से मंगाया जा रहा सिंघाड़ा, चौपरिया निवासी किसान मनीष साहनी और अनूप साहनी ने बताया कि इस बार पानी की कमी के कारण सिंघाड़े की फसल कम हुई है। स्थानीय उत्पादन से बाजार की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में कारोबारियों को दूसरे इलाकों से सिंघाड़ा मंगाना पड़ रहा है।
नवरात्र से दिवाली तक व्रत और फलाहार में सिंघाड़े की मांग बढ़ जाती है। उत्पादन में कमी और बाहर से आपूर्ति होने के कारण इसकी कीमतों में उछाल आया है। इससे इस बार व्रत के दौरान सिंघाड़ा खरीदने के लिए लोगों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।