
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा के पास सोनौली कोतवाली क्षेत्र के हरदी डाली चौराहे पर चल रहे जैस्मिन क्लिनिक एंड फिजियोथैरेपी सेंटर को स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बंद करा दिया। जांच के दौरान सेंटर का वैध पंजीकरण नहीं मिलने पर विभाग ने यह कार्रवाई की। टीम ने सेंटर पर ताला लगाकर उसका संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।
जानकारी के मुताबिक, सेंटर पर फिजियोथैरेपी के दौरान एक बच्चे के हाथ में चोट लगने और इलाज में लापरवाही की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की गई थी। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की।जांच के दौरान विभाग ने क्लिनिक से इलाज से जुड़ा वैध पर्चा भी मांगा, लेकिन सेंटर की ओर से उसे उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके बाद विभाग ने सेंटर के पंजीकरण की जांच की।जांच में क्लिनिक का वैध पंजीकरण नहीं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए सेंटर बंद करा दिया।
स्वास्थ्य विभाग के झोलाछाप चिकित्सक नियंत्रण एवं टीबी नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या ने बताया कि बिना वैध पंजीकरण चल रहे सेंटर के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में बिना वैध पंजीकरण के चल रहे चिकित्सा केंद्रों की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों के बीच यह चर्चा है कि ऐसे केंद्रों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने जैस्मिन क्लिनिक एंड फिजियोथैरेपी सेंटर का संचालन बंद करा दिया है। अब मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।