
महराजगंज। अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने मिठौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीएचसी प्रभारी को सौंपा। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे काम बंद कर हड़ताल पर चली जाएंगी।
प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का सहयोग किया। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और मां-बच्चे की सेहत का ध्यान रखने जैसी जिम्मेदारियां भी निभाती हैं। उन्होंने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के बाद भी उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल रहा है।
आशा कार्यकर्ताओं की पांच प्रमुख मांगें
आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी पांच मांगें रखीं।
राज्य कर्मचारी का दर्जा: आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
निश्चित मानदेय: केंद्र सरकार की ओर से तय न्यूनतम मजदूरी के अनुसार निश्चित मानदेय दिया जाए।
दुर्घटना बीमा: 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और उसका प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए।
परिवार को नौकरी: मृत आशा कार्यकर्ता या आशा संगिनी के आश्रितों को नौकरी दी जाए।
समान वेतन और अधिकार: आशा कार्यकर्ताओं को समान वेतन और समान अधिकार दिए जाएं।
आशा कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांगों पर जल्द विचार करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे कार्य बहिष्कार कर हड़ताल करेंगी। प्रदर्शन के दौरान सीमा देवी, बबिता, सरिता, माया, मेवाती समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियां मौजूद रहीं।