Maharajganj News : सीमा की पगडंडियों से शहरों तक ! अब हो रही इस चाइनीज माल की तस्करी
10-Feb-2026
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सोनौली। नेपाल से चाइनीज किशमिश की तस्करी कर धंधेबाज दोगुना से ज़्यादा का मुनाफा कमा रहे हैं। सस्ते दामों पर इसे भारतीय क्षेत्र में लाया जाता है। यहां भारतीय किशमिश में मिलाकर इसे बेच दिया जाता है। बीते दिनों पुलिस ने नेपाल से तस्करी कर लाया गया विदेशी किशमिश बरामद कर सीज कर दिया।
बरामद किशमिश भारत के महानगरों में भेजा जाना था। नेपाल में 250 रुपये में मिलने वाला किशमिश भारत में 550 रुपये में बिक जाता है।
नेपाली सीमा में बॉर्डर से सटे गांव में किशमिश स्टोर किया जाता है। मौका देखकर पगडंडियों से तस्कर भारतीय सीमा में किशमिश पहुंचा दिया जाता है। पगडंडी से होकर इसे भारतीय क्षेत्र में लाया जा रहा है। नेपाल में किशमिश सस्ता होने की वजह से तस्करों को अधिक लाभ होता है।
तस्करी का किशमिश गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर तक भेजा जा रहा है। तस्कर इसे गोरखपुर कानपुर मंडी में पहुंचाते हैं। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से बॉर्डर पर इसे बरामद किया गया।
विदेशी किशमिश दिखने में भारतीय किशमिश जैसा ही है और काफी सस्ता है। नेपाल में 250 रुपये किलो में मिलने वाला विदेशी किशमिश भारत में 550 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिक जाता है। इसे चीन से नेपाल में इम्पोर्ट करके लाया जाता है।
सूत्र बताते हैं कि सीमा क्षेत्र के लक्ष्मीनगर, झुलनीपुर, बागपर, ठूठीबारी, सोनौली आदि गांव में जमा कर छोटे वाहनों से इसे गोरखपुर, लखनऊ सहित महानगरों में किशमिश पहुंचाया जाता है। तस्करी के कारण भारत को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
दर्जनों युवक इस धंधे में लगे हैं। 15 से 20 बाइक और साइकिल से रोज ढुलाई करते हैं। इधर से गेहूं लेकर जाते हैं। नेपाल से किशमिश मक्का भारत में लाते हैं। भारत नेपाल की खुली सीमा होने के कारण तस्कर लाभ उठा रहे हैं।
नौतनवा क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम ने बताया कि बीते दिनों में किशमिश की बरामदगी हुई थी। सीमा क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है।