Maharajganj Tourism : दर्जिनिया ताल बनेगा ‘वाइल्ड पैराडाइज’! 200 से ज्यादा मगरमच्छों के बीच ट्री-हाउस और सेल्फी प्वाइंट की तैयारी
12-Feb-2026
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महराजगंज। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज में स्थित दर्जिनिया ताल अब इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिए डीएम संतोष कुमार शर्मा ने डीएफओ निरंजन सुर्वे को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है।
प्रशासन कि योजना है कि पर्यटन को बढ़ाने के लिए दर्जिनिया ताल के किनारे ट्री-हाउस, पार्क व सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। गंडक नदी के किनारे स्थित दर्जिनिया ताल प्राकृतिक रूप से मगरमच्छों का बड़ा प्रजनन केंद्र है। इसे व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बीते दिनों डीएम संतोष कुमार शर्मा व डीएफओ निरंजन सुर्वे ने ताल का निरीक्षण किया था।
सर्वे के बाद यह बात उभरकर आई कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद यहां बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी पहुंच रहे हैं। डीएम अधिकारियों को निर्देशित किया कि ईको-टूरिज्म के विकास के लिए पर्यटकों के रुकने और बैठने की पुख्ता व्यवस्था जरूरी है। ताल तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग व बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था का निर्देश दिया।
बच्चों के मनोरंजन के लिए ताल के पास झूले, पार्क व युवाओं के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाने का सुझाव दिया। सैलानियों को प्रकृति के करीब अनुभव देने के लिए ट्री-हाउस व विशेष रेस्ट हट निर्माण का योजना बनाने को कहा। मगरमच्छों की बास्किंग है मुख्य आकर्षण दर्जिनिया ताल की सबसे बड़ी विशेषता यहां मौजूद 200 से अधिक मगरमच्छ हैं।
सुबह व दोपहर के वक्त जब ये मगरमच्छ ताल के किनारों पर धूप सेंकने (बास्किंग) के लिए निकलते हैं, तो यह दृश्य सैलानियों और वन्यजीव शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। शांत वातावरण व चारों ओर फैली सघन हरियाली इस अनुभव को और भी खास बनाती है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए भेड़िहारी में मैत्री वन पर्यटन के साथ-साथ प्रशासन पर्यावरण संतुलन पर भी जोर दे रहा है। बैठवलिया बीट के ग्राम भेड़ियारी में मैत्री वन विकसित किया जा रहा है। 3 हेक्टेयर में फैले इस वन में लगभग 400 पौधे लगाए गए हैं।
डीएफओ निरंजन सुर्वे का कहना है कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। सोहगीबरवा सेंक्चुरी को एक नई वैश्विक पहचान मिलेगी। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।