Maharajganj News : “पिता मां से बड़े क्यों?” एक सवाल ने उड़ाई नींद! मतदाता सूची शुद्धिकरण पर बवाल
17-Feb-2026
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महराजगंज। जिले में इन दिनों मतदाता सूची के शुद्धिकरण का अभियान चल रहा है, इस अभियान के दौरान निर्वाचन कार्यालय द्वारा ऐसे ऐसे नोटिस जारी हो रहे हैं जिनसे मतदाता हैरान और परेशान हैं। तार्किक विसंगतियों को दूर करने के नाम पर प्रशासन ऐसे सवाल पूछ रहा है जिन्हें सुनकर मतदाता अचंभित हैं।
ताजा मामला सदर विधानसभा के सुरहुरवा गांव का है। यहां की निवासी पूनम यादव को बीएलओ ने एक अजीबोगरीब नोटिस थमाया। नोटिस में साफ तौर पर पूछा गया कि आपके पिता की उम्र आपकी माता से अधिक क्यों है? इतना ही नहीं, यह भी कहा गया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला व साक्ष्य नहीं दिए गए तो मतदाता सूची से नाम काट दिया जाएगा।
पूनम यादव शादीशुदा हैं। दो बच्चों की मां हैं। नोटिस के इस सवाल से हैरत में हैं। उम्र में अंतर पर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि पिता की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी के निधन के बाद दूसरी शादी हुई। जिनसे वह व उनके भाई-बहन पैदा हुए। उम्र का अंतर होना स्वाभाविक है, लेकिन बीएलओ का कहना है कि सिर्फ मौखिक बातों से काम नहीं चलेगा, इसके लिए साक्ष्य पेश करने होंगे।
जिले में यह कोई अकेला मामला नहीं है। निर्वाचन विभाग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर अभियान के तहत कुल 4.37 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी होने हैं। इसमें से 1.05 लाख मामले ऐसे मिले हैं जहां माता-पिता और उनकी संतान की उम्र के बीच 15 वर्ष से भी कम का अंतर दर्ज है।
2.33 लाख मतदाता तार्किक विसंगतियों के घेरे में हैं। उनका उम्र बेमेल है। जेंडर संबंधी त्रुटि है। दरअसल निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर ने डाटा मैपिंग के दौरान उन प्रोफाइल को रेड फ्लैग कर दिया है जो असंभव या संदिग्ध लग रहे हैं।
यदि किसी डेटा में मां व बेटे की उम्र में महज 10 साल का अंतर है तो उसे तार्किक विसंगति माना जा रहा है। हालांकि टाइपिंग एरर या पुरानी गलतियों के कारण अब मतदाताओं को नोटिस मिलने के बाद दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पूनम यादव का कहना है कि यह तकनीकी सुधार है या मानसिक प्रताड़ना। पिता की उम्र मां से ज्यादा होना तो प्राकृतिक है, इसमें साक्ष्य कैसा।
प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को 100 फीसदी सटीक बनाने के लिए है। जिससे भविष्य में कोई परेशानी न हो सके। लेकिन फिलहाल जिले के लोगों के लिए अपनी वंशावली व माता-पिता की उम्र साबित करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मतदाता सूची में तार्किक विसंगतियां मिलने पर मतदाताओं को नोटिस जारी किया जा रहा है। कुछ अंतर अटपटे हैं। जवाब मिलने के बाद सत्यापन पूर्ण कर दिया जा रहा है।
मतदाताओं से अपील है कि नोटिस का जवाब मिलने पर वह सुनवाई के लिए उपस्थित हों। संतोषजनक जवाब मिलने पर नोटिस के जवाब को वेरिफाई कर दिया जा रहा है।