Maharajganj News : दहेज की आग में जली बेटी… 8 साल बाद इंसाफ का फैसला, पति को 10 साल की सजा

03 Feb 2026 11:08:39

महराजगंज।
सेशन न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न व आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर मामले में अभियुक्त पति को दोषी करार देते दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। पंद्रह हजार का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की सजा भुगतनी होंगी।

पत्रावली के मुताबिक मामला निचलौल थाना क्षेत्र का है। वादी शिवशंकर गुप्ता निवासी पिपरा कल्याण थाना कोतवाली ने निचलौल थाना में तहरीर देकर बताया था कि वह अपनी पुत्री अर्पणा गुप्ता का विवाह वर्ष 2007 में निचलौल थानाक्षेत्र के मेधौली निवासी संदीप कुमार गुप्ता उर्फ विनय गुप्ता से किया था। विवाह व गौना के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर अर्पणा को लगातार शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी गई।

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आरोप है कि 23 जून 2017 को दहेज की मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने मिट्टी का तेल डालकर अर्पणा को जला दिया। गंभीर अवस्था में उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया। इस मामले में पुलिस ने पति समेत अन्य परिजन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।

न्यायालय सेशन न्यायाधीश ने गावहो व साक्ष्ययो के आधार पर अभियुक्त संदीप कुमार गुप्ता उर्फ विनय गुप्ता को दहेज उत्पीड़न व आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए दस साल की सजा से दंडित किया। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी।


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