Maharajganj News : अब ग्रुप फोटो से नहीं चलेगा काम! मनरेगा मजदूरों की हाजिरी में आ रहा है बड़ा डिजिटल ट्विस्ट

    04-Feb-2026
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महराजगंज। वीबी जी राम जी योजना में अब सिर्फ फोटो खिंचवाने से काम नहीं चलेगा। हाजिरी के लिए अब आधार फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू होगी। बाराबंकी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह व्यवस्था लागू है। अप्रैल से जिले में भी यह लागू हो सकती है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब कार्यस्थल पर मजदूरों की फेस रीडिंग होगी।

अब ग्रुप फोटो में किसी के पीछे छिपकर या दूर खड़े होकर हाजिरी लगवाने का जुगाड़ पूरी तरह बंद हो जाएगा। मनरेगा में अब तक नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) के जरिए ग्रुप फोटो लेकर उपस्थिति दर्ज की जाती थी।

इसमें अक्सर यह शिकायत आती थी कि कुछ मजदूर कार्यस्थल से नदारद रहते थे या फोटो में पीछे छिपकर हाजिरी लगवा लेते थे। कई बार एक ही फोटो को अपलोड कर मस्टररोल में फर्जी तरीके से हाजिरी लगा दी जाती थी। फेस ऑथेंटिकेशन से ये विसंगतियां खत्म होंगी। अब प्रत्येक मजदूर को मोबाइल कैमरे के सामने आना होगा। सॉफ्टवेयर चेहरे के मिलान के बाद ही हाजिरी स्वीकार करेगा। यह तकनीक केवल कार्यस्थल की जियो-फेंसिंग के भीतर ही काम करेगी, जिससे घर बैठे हाजिरी लगाना नामुमकिन होगा।


1.51 लाख मजदूर की हो चुकी है ई-केवाईसी जनपद में पंजीकृत कुल 2.86 लाख मजदूरों में से अब तक 1.51 लाख का ही ई-केवाईसी कराई जा चुकी है। करीब 1.35 लाख मजदूरों की ई-केवाईसी कराई जानी है। इसके लिए लगातार दिशा निर्देश जारी किया जा रहा है। जो भी मजदूर अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं कराएंगे तो नए वित्तीय वर्ष में उन्हें काम मिलना मुश्किल हो जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद ही आधार बेस पेमेंट सिस्टम (एबीपीएस) कार्य करता है।

ई-केवाईसी न होने पर मजदूरी सीधे खाते में भेजने में तकनीकी अड़चनें आती हैं, जिससे भुगतान लटक जाता है। 70.38 लाख मानव दिवस का लक्ष्य, खर्च होंगे 295.60 करोड़ आगामी वित्तीय वर्ष के लिए जिले को विकास की नई रफ्तार देने की तैयारी है। जनपद में कुल 70 लाख 38 हजार 217 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके लिए सरकार ने 295.60 करोड़ रुपये का बजट अनुमानित किया है। प्रशासन की मंशा है कि इतनी बड़ी धनराशि का एक-एक पैसा सीधे वास्तविक मजदूर के हाथ में पहुंचे। इसके लिए फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी व फेस ऑथेंटिकेशन से हाजिरी होगी। बाराबंकी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह व्यवस्था लागू है।

अप्रैल से जिले में भी लागू करने की योजना है।जिनका ई-केवाईसी अधूरा है, वे तत्काल इसे पूरा करा लें। अन्यथा मजदूरी भुगतान व कार्य आवंटन में समस्या होगी। अभी तक 2.86 लाख श्रमिकों में से अब तक 1.51 लाख का ही ई-केवाईसी कराई जा चुकी है। जल्द ही सभी श्रमिकों की ई-केवाईसी करा दिया जाएगा।