गोरखपुर। पीपीगंज इलाके में प्रिया शेट्टी की निर्मम हत्या के बाद मुंबई से गोरखपुर पहुंची उसकी सौतेली बहन किरन जायसवाल करीब 30 घंटे तक शहर में रहकर बहन की अस्थियां और दिल में आजीवन रहने वाला गम लेकर लौट गई। बहन की हत्या से वह इस कदर डरी हुई थी कि खामोशी से एक होटल में सुरक्षा घेरे में रही।
अपनी पहचान जाहिर होने के डर से न फोटो खींचने दिया और न ही ज्यादा बात ही की। पुलिस ने भी उसे कड़ी निगरानी में रखा। किरन इतनी सहमी हुईं थीं कि गोरखपुर आने के लिए भी तैयार नहीं थीं। परिवार के लोगों और पुलिस के समझाने पर वह यहां पहुंचीं।
मंगलवार की रात दाह संस्कार पूरा होने के बाद पीपीगंज पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर कस्बे के एक होटल में गईं, जहां उन्हें सुरक्षा घेरे में ठहराया गया था। अनहोनी की आशंका को देखते हुए किरन ने बाहरी लोगों से दूरी बनाए रखी और किसी को भी फोटो खींचने की अनुमति नहीं दी।
किरन से पुलिस ने तहरीर ली और मुकदमे में वादी बनाया। तहरीर में किरन ने साफ लिखा है कि प्रिया को विजय कुमार साहनी अपने साथ लेकर गोरखपुर आया था और उन्हें पूरी आशंका है कि हत्या उसी ने की है। हालांकि तहरीर में विजय की पत्नी संध्या व उसके ससुर का नाम शामिल नहीं किया है।
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र नाथ का कहना है कि विवेचना केवल तहरीर तक सीमित नहीं है, उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर जांच कराई जा रही है।
मुंबई की रहने वाली प्रिया शेट्टी की हत्या के मामले ने पीपीगंज पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। शुरुआती जांच में कोई गवाह नहीं मिला लेकिन पुलिस प्रिया को न्याय दिलाने के लिए परिस्थितिजन्य सबूत, फोटो-वीडियो और डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं।
इन साक्ष्यों की मदद से हत्यारोपियों को सजा दिलाएगी।सूत्रों के अनुसार, प्रिया का विवाह वर्ष-2012 में मुंबई में विजय साहनी के साथ हुआ था लेकिन जांच में कोई मैरिज सर्टिफिकेट, पति के साथ फोटो, सोशल मीडिया रील या यात्रा का टिकट नहीं मिला।
इसी कारण पुलिस ने प्रिया और आरोपी के संबंध साबित करने के लिए अन्य सबूत जुटाए। विवेचना में प्रिया के बच्चे का सर्टिफिकेट व डिलीवरी के समय पिता का नाम व हस्ताक्षर शामिल हैं, जिससे बायोलॉजिकल पिता विजय पिता साबित होता है।
पुलिस को प्रिया व बहन किरन के मोबाइल से कई वीडियो और फोटो मिले हैं। मुंबई के कांदीवली की पुलिस ने भी आरोपी विजय को प्रिया का पति बताया है। जानकारी के अनुसार, प्रिया के प्रसव के बाद वर्ष-2014 में दोनों में विवाद बढ़ गया था। इस दौरान विजय के पिता ने शादी तय कर दी थी।
किरन के अनुसार, मुंबई में प्रिया अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ विजय कुमार साहनी के पास ही रहती थी। किरन ने स्पष्ट किया है कि प्रिया किसी तरह छिपकर या धोखे में नहीं आई थी, बल्कि विजय के भरोसे पर यहां पहुंची थी। यही भरोसा उसकी मौत का कारण बन गया। पुलिस इस बयान को बेहद अहम मान रही है।
किरन ने पुलिस को प्रिया और विजय के संबंधों से जुड़े कई अहम दस्तावेज और फोटोग्राफ भी सौंपे हैं। विवेचक ने इन सभी दस्तावेज को जांच रिपोर्ट का हिस्सा बना लिया है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हत्या से जुड़े हर पहलू की कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। साथ ही, मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की अपील भी की गई है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
गोरखनाथ के होटल में ठहरने का वीडियो फुटेज, आईडी कार्ड, विजय के घर से बरामद कपड़े, आधार और पैन कार्ड भी जांच में शामिल हैं। वारदात के समय आरोपी नशे में थे और पीपीगंज से स्कूटी से सहजनवा जाते समय प्रिया हंगामा कर रही थी।
आसपास के लोग इसके गवाह थे, जिनके बयान विवेचना में शामिल हैं। आरोपी का कबूलनामा और डिजिटल साक्ष्य भी जांच में शामिल है। पुलिस के अनुसार बच्चे के डीएनए से यह पुष्ट हो जाएगा कि विजय ही उसका बायोलॉजिकल पिता है।
किरन मानसिक रूप से बेहद परेशान थी, इसलिए उससे सीमित पूछताछ ही की गई। बयान दर्ज करने के बाद बुधवार शाम उन्हें इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से मुंबई रवाना कर दिया गया। गोरखपुर में उन्हें सिक्योरिटी में रखा गया।
फिलहाल, पुलिस इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है। साथ ही कानून के सलाहकारों से भी राय ली जा रही है, ताकि विवेचना मजबूत हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।