Maharajganj News : रात के अंधेरे में खुली अस्पतालों की हकीकत ! सीएमओ के छापे से मचा हड़कंप, डॉक्टर–कर्मी गायब

    07-Feb-2026
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महराजगंज।
स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद ने गुरुवार को देर रात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा और निचलौल का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दो महिला चिकित्सक, एक पुरुष और एक्स रे टेक्नीशियन समेत सात स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने अनुपस्थित डाक्टरों समेत कर्मियों से सात दिन में स्पष्टीकरण तलब कर वेतन बाधित किया गया है। साथ ही दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

गुरुवार रात 7:05 बजे सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा का निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी कक्ष में चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार और अधीक्षक उपस्थित मिले। जबकि प्रसव कक्ष में एएनएम एसएन राय और श्रीमती श्वेता पाल ड्यूटी पर मौजूद थीं।


हालांकि इमरजेंसी में रोस्टर वार ड्यूटी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। एक्स-रे तकनीशियन की ऑन-कॉल ड्यूटी और लैब टेक्नीशियन की रोस्टर वार तैनाती भी नहीं की गई थी। इमरजेंसी के समय कोई भी लैब टेक्नीशियन ड्यूटी पर तैनात नहीं मिला जबकि इस संबंध में पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं।

उपस्थिति पंजिका के अवलोकन में कुल छह कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इनमें चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार, डॉ. प्रियंका दीक्षित, स्वीपर दिग्विजय प्रजापति, वार्ड ब्वाय निखिल कुमार गुप्ता व रंजेश गुप्ता तथा आईडीएसपी ऑपरेटर विकास प्रताप सिंह शामिल हैं। वहीं काउंसलर विजय लक्ष्मी अवकाश पर तथा उपचारिका सविता देवी प्रसूता अवकाश पर रहे।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि प्रसव कक्ष में रोस्टर वार ड्यूटी नहीं लगाई गई है और प्रसूताओं को 48 घंटे से पहले ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। इस पर सीएमओ ने उपचारिकाओं को सख्त निर्देश दिए कि 48 घंटे पूरे होने के बाद ही प्रसूताओं को डिस्चार्ज किया जाए।

शाम 7:45 बजे सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय इमरजेंसी कक्ष में चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष खन्ना के साथ सत्यप्रकाश चतुर्वेदी, अभिलाषा एवं दिलीप पटेल उपचारिका के रूप में उपस्थित पाए गए। प्रसव कक्ष के निरीक्षण में उपचारिका नीलम श्रीवास्तव मौजूद रहीं। प्रसव कराने के लिए आई चंद्रकला देवी का बीएचटी उपलब्ध नहीं मिला।

वहीं अंजुम आरा का प्रसव शाम 5:50 बजे और सहीदन का प्रसव प्रातः 7:26 बजे हुआ, लेकिन किसी भी प्रसूता का बीएचटी तैयार नहीं था। साथ ही मरीजों को निर्धारित भोजन भी नहीं दिया जा रहा था। इस गंभीर लापरवाही पर सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि डॉ. कालिंदी सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बजही में तीन दिवस की तैनाती पर हैं, इसके बावजूद निचलौल सीएचसी की उपस्थिति पंजिका में उनके प्रतिदिन हस्ताक्षर दर्ज पाए गए, इसे गंभीर अनियमितता माना गया।

वहीं एसएनसीयू में अब तक 33 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। उपस्थिति पंजिका के अनुसार चिकित्साधिकारी डॉ. रंजना तिवारी 3 से 5 फरवरी तक तथा एक्स-रे टेक्नीशियन अनूप कुमार गुप्ता 4 और 5 फरवरी को आकस्मिक अवकाश थे।