Maharajganj News : इन दिनों जिला अस्पताल में रोज़ पहुँच रहे डायरिया के 30-40 मरीज, जानें कारण और बचाव के उपाय

    11-Mar-2026
Total Views |

महराजगंज।
जिला अस्पताल में इन दिनों डायरिया के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार पिछले पांच छह दिन से अब यह संख्या बढ़कर 30 से 40 हो गई है। फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि पहले केवल रोजाना औसतन 10 मरीज डायरिया के लक्षणों के साथ ओपीडी में पहुंचते थे। उन्होंने समस्या के लिए बदलता मौसम, संक्रमित पानी और खान-पान में लापरवाही को मुख्य कारण बताया है।

डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव से वायरल संक्रमण बढ़ रहा है, जिससे डायरिया के साथ बुखार, उल्टी और पेट दर्द जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं। ज्यादातर मरीजों में दस्त की शिकायत प्रमुख है, जो निर्जलीकरण का खतरा पैदा कर रहा है।


अस्पताल में ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ बढ़ने से डॉक्टरों और स्टाफ पर दबाव बढ़ गया है। हाल के दिनों में कुल ओपीडी मरीजों की संख्या भी काफी बढ़ी है। इनमें डायरिया के अलावा सर्दी-खांसी और वायरल फीवर के मामले भी शामिल हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि डायरिया मुख्य रूप से दूषित पानी, बाहर का अस्वच्छ खाना और खुले में बिकने वाले जूस से फैल रहा है। विशेषकर गर्मी और बारिश के मौसम में यह समस्या बढ़ जाती है। बच्चों और बुजुर्गों में यह बीमारी अधिक गंभीर रूप ले रही है, क्योंकि इनमें निर्जलीकरण का खतरा ज्यादा होता है।

डॉक्टर ने दिए बचाव के उपाय

* लोगों को साफ-सुथरा पानी ही पीना चाहिए।
* पानी को उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करें।
* बाहर का खाना पूरी तरह से परहेज करें, खासकर सड़क किनारे के जूस, चाट-पकौड़ी और खुले में बिकने वाले पेय पदार्थ बिल्कुल न लें।
* हाथों को बार-बार साबुन से धोएं, खाना खाने से पहले और शौच के बाद साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
* कपड़े पूरे शरीर को ढकने वाले पहनें ताकि धूल-मिट्टी और कीटाणुओं से बचाव हो।
* ज्यादा से ज्यादा साफ पानी पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
* यदि दस्त या उल्टी शुरू हो तो तुरंत ओआरएस घोल का सेवन शुरू करें और डॉक्टर से संपर्क करें।