LPG Crisis : सिलिंडर गायब, चूल्हे ठंडे… होटलों पर मंडराया ताला, इंडक्शन और कोयले से चल रहा काम

    13-Mar-2026
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LPG Crisis :
एलपीजी सिलिंडर को लेकर मचे हाहाकार के बाद जिले में काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई भी पिछले चार दिन से पूरी तरह ठप पड़ी है। इसका सीधा असर होटल, ढाबा, फास्ट फूड दुकानों और रेस्टोरेंट पर पड़ रहा है।

काॅमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने से जनपद के होटल, ढाबे, फास्ट फूड विक्रेता और रेस्टोरेंट घरेलू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। संचालकों का कहना है कि अगर चार से पांच दिनों में आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो दुकान पर ताला बंद करना पड़ेगा।

महराजगंज इंडेन संचालक सहित कुल छह एलपीजी एजेंसी धारकों के अनुसार, मार्च में क्षेत्रीय कार्यालयों से कॉमर्शियल सिलिंडर आए ही नहीं। पहले के बचे सिलिंडर के भरोसे व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया गया लेकिन अब वह भी ख़त्म हो गया है।


नगर में होटल संचालित करने वाले शांतनू जायसवाल ने बताया कि जनपद में सिर्फ उनका होटल ही थ्री स्टार है। अभी चार दिन की गैस उपलब्ध है लेकिन इससे पहले आपूर्ति नहीं बहाल हुई तो मजबूरी में होटल बंद करना पड़ेगा। यही हाल कमोबेश जिले के हर दूसरे एक रेस्टोरेंट संचालक का है।

कुछ फास्ट फूड संचालक घरेलू गैस का उपयोग करते देखे गए। पूछने पर संचालकों ने बताया कि दुकान का काॅमर्शियल सिलिंडर खाली होने के कारण घर का घरेलू गैस सिलिंडर मंगाना पड़ा। यह मजबूरी है वरना रोजी रोटी बंद हो जायेगी।

महंगा हो गया कोयला
गैस की किल्लत के बीच कोयले की मांग भी अचनाक बढ़ गयी है। एक सप्ताह के भीतर भारतीय क्षेत्र के कोयले की कीमत में 1500 से 2000 रुपये प्रति टन तो अमेरिका व इंडोनेशिया से आने वाले कोयले के दाम में पांच से सात हजार रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। कोयले की महंगाई के कारण होटलों व ढाबों में कोयला सुलगाना महंगा हो गया है।

बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे एलपीजी की उपलब्धता कम हो गई है।

इंडक्शन की बिक्री भी बढ़ी
गैस संकट का असर अब बाजार पर भी दिख रहा है। बिजली से चलने वाले इंडक्शन की बिक्री अचानक बढ़ गई है। फरेंदा हाईवे पर स्थित इलेक्ट्रिक आइटम शोरूम के संचालक सुमित कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले पांच दिनों से इंडक्शन की बिक्री में उछाल आया है।

फुटकर व्यापारियों को बिक्री करने वाले सुमित ने बताया कि पहले प्रतिदिन 10 से 15 इंडक्शन की बिक्री होती थी लेकिन अब यह बढ़कर 50 से 60 के बीच पहुंच चुकी है। खासकर 1200 से 1500 रुपये की रेंज वाले इंडक्शन की मांग सबसे ज्यादा है।