Maharajganj News : DM के आदेश बेअसर, शाम 7 बजे क्यों बंद हुआ पेट्रोल पंप? सिर्फ खास' लोगों के लिए ही था डीजल का स्टॉक!
29-May-2026
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महराजगंज। जिले में इन दिनों चल रही डीजल की किल्लत ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खरीफ सीजन में जहाँ एक एक बूँद ईंधन के लिए हाहाकार मचा हुआ है, वहीँ गुरुवार को कोल्हुई थाना क्षेत्र बेलौही में स्थित किसान सेवा केंद्र (इंडियन आयल पेट्रोल पंप) पर एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। सुबह 4 बजे से भूखे प्यासे लाइन में खड़े किसानों को शाम को जो मिला उसने किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया।
किसानों का आरोप है कि शाम करीब 7 बजे पेट्रोल पंप बंद कर दिया गया, जबकि डीजल उपलब्ध था। इसके चलते लाइन में लगे कई किसानों को बिना डीजल लिए ही वापस लौटना पड़ा।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने हाल ही में सख्त निर्देश जारी किये थे कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर 24 घंटे ईंधन वितरण सुनिश्चित किया जाये। लेकिन बेलौही में जिलाधिकारी के आदेशों को ठेंगा दिखा दिया गया। किसानों का आरोप है कि शाम करीब 7 बजे ही पेट्रोल पंप के शटर गिरा दिए गए। सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि किसानों के मुताबिक पंप पर डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद था, फिर भी उसे समय से पहले क्यों बंद कर दिया गया? क्या आम किसानों को परेशान करने की कोई सोची-समझी साजिश थी?
हंगामा तो तब बढ़ा जब लाइन में खड़े आम किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को पहचान और करीबी संबंधों के आधार पर बिना लाइन के ही डीजल उपलब्ध कराया गया। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान डीजल की सबसे अधिक जरूरत होती है, लेकिन उन्हें सुबह से शाम तक धूप में खड़े रहने के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ा।
इस बात पर पेट्रोल पंप संचालक मनोज कुमार से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटीजन) थे, इसलिए उन्हें लाइन में खड़ा नहीं किया गया और प्राथमिकता के आधार पर डीजल उपलब्ध कराया गया।
संचालक की इस दलील पर कतार में खड़े किसानों ने कड़ा ऐतराज जताया है। किसानों का कहना है कि अगर नियम सबके लिए बराबर हैं, तो पारदर्शी व्यवस्था क्यों नहीं अपनाई गई? घंटों अपनी बारी का इंतज़ार करने वालों की जगह 'पसंदीदा' लोगों को पहले डीजल देना नियमों का खुला उल्लंघन है।
अब देखना यह है कि डीएम के 24 घंटे पंप खोलने के आदेश की धज्जियां उड़ाने और इस कथित वीआईपी ट्रीटमेंट के मामले पर जिला प्रशासन क्या एक्शन लेता है। पीड़ित किसान पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और पेट्रोल पंप पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।