Maharajganj News : अब अंगूठा लगाए बिना नहीं मिलेगी खाद, महराजगंज में लागू हुई नई व्यवस्था

    29-May-2026
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महराजगंज। खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में भरपूर मात्रा में खाद का लक्ष्य है और खाद पहुंचना भी शुरू हो गया है।

विभाग का दावा है कि इस बार किसानों को खाद की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। हालांकि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए किसाानों को पहचान कराने के बाद ही खाद दी जा रही है। इसमें आधार कार्ड दिखाने के बाद बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर पहचान होने के बाद ही खाद का वितरण किया जा रहा है। इतना ही नहीं किसानों को खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री भी दिखाना होगा।

खेत के क्षेत्रफल के अनुसार डीएपी या एनपीके व यूरिया दी जा रही है। खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों के बीच जनपद में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। कृषि विभाग का दावा है कि जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित विभिन्न उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसका वितरण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में यूरिया का कुल लक्ष्य 62,830 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। 1 अप्रैल से अब तक कुल 30,816 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हुआ। जिसमें से 7,827 मीट्रिक टन का वितरण किसानों के बीच किया जा चुका है। वर्तमान में 22,989 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक शेष है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उपलब्धता में 1,585 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

डीएपी उर्वरक का कुल लक्ष्य 18742 मीट्रिक टन है। अब तक 10338 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध हुआ। जबकि 3535 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में 6803 मीट्रिक टन डीएपी शेष है। एनपीके की उपलब्धता में भी वृद्धि देखने हुई है। जिले में 7974 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध हुआ। जिसमें से 715 मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त एसएसपी व एमओपी उर्वरकों का भी पर्याप्त भंडारण विभाग के पास उपलब्ध है।

खरीफ सीजन में किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए जनपद स्तर पर डीएम, सीडीओ व जिला कृषि अधिकारी द्वारा लगातार समीक्षा की जा रही है। उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर बिक्री सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक जमाखोरी न करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार प्रशासन ने उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री पर भी सख्त रुख अपनाया है। मई में 10 बोरी से अधिक यूरिया व डीएपी बिक्री करने वाले कुल 15 उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है।

जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों को चाहिए कि वह अफवाहों पर ध्यान न दे। सभी को खाद मिलेगी। डीएपी, एनपीके,यूरिया सभी किसानों को मिलेगी।