Maharajganj News : खाद खरीदने वालों पर कृषि विभाग की पैनी नजर! अब 40 बोरी लेने पर भी होगी जांच
01-Jun-2026
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महराजगंज। खरीफ सीजन में डीएपी और यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी और सख्त कर दी है। अधिक मात्रा में खाद की खरीदारी करने वालों की जांच शुरू कर दी गयी है। जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने सहायक विकास अधिकारियों और राजकीय बीज गोदाम प्रभारियों को खाद बेचने वाले दुकानदारों की जांच करने का निर्देश जारी किया है। कृषि विभाग के जिम्मेदार रकबा और यूरिया की मात्रा की जांच कराकर सरकार के डैश बोर्ड पर अपलोड करेंगे।
कृषि विभाग का धान की रोपाई के दौरान अधिक डीएपी, यूरिया खरीदने वाले जालसाजों पर पैनी नजर है। कृषि विभाग के जिम्मेदारों द्वारा दुकानों की जांच कर फार्मर रजिस्ट्री, आधार नंबर को बारीकी से देखा जा रहा है। विभाग की नजर विशेष रूप से उन लोगों पर है जो एक साथ 25 से 40 बोरी तक डीएपी या यूरिया खरीद रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने ने बताया कि खाद की बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए शासन काफी सख्त है। फार्मर रजिस्ट्री, आधार द्वारा अधिक खाद खरीदने वाले जांच शुरू की गई है। धान की रोपाई में अधिक खाद खरीदने वाले किसान भी जद में आएंगे।
ठूठीबारी कस्बा भारत-नेपाल के अर्न्तराष्ट्रीय सीमा से सीधे लगा हुआ है। ऐसे में हर सीजन में डीएपी,यूरिया खाद की तस्करी बढ़ जाती है। खाद की तस्करी में बार्डर एरिया में ग्रामीण क्षेत्र के कुछ तस्कर लगे रहते हैं। लेकिन जैसे ही एसएसबी और स्थानीय पुलिस जांच बढ़ा देती है। वे भूमिगत हो जाते हैं। पर सुरक्षा कर्मियों की थोड़ी सी ढ़िलाई से नेपाल में खाद की तस्करी बढ़ जाती है।
सरकार ने यूरिया की कीमत 266.50 निर्धारित किया है, पर किसानों का आरोप है कि बाजार में यूरिया 300 से 350 रुपये और डीएपी 1600 से 1800 रुपये तक बेची जा रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।