Maharajganj News : बॉर्डर पर सुरक्षा का नया कवच! जहां पहुंचना था मुश्किल, वहां मिनटों में पहुंचेगी एसएसबी
15-Jun-2026
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महराजगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जनपद में नोमेंस लैंड के समानांतर 80 किमी का सड़क निर्माण कार्य पूरा हो गया है। झुलनीपुर के पास गंडक नहर पर सिर्फ एक पुल का निर्माण शेष है। यह सड़क तैयार होने से जनपद में एसएसबी के 13 बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) आपस में जुड़ गए हैं। साथ ही एसएसबी के लिए पेट्रोलिंग व निगरानी अब सुविधाजनक हो गई है।
भारत-नेपाल की खुली सीमा हमेशा से ही संवेदनशील इलाकों में से एक रही है। यहां जांच-पड़ताल के विशेष प्रबंध के साथ ही एसएसबी की तैनाती की गई है। खुली सीमा पर एसएसबी की तैनाती के समय से ही मुख्य बॉ़र्डर से इतर पगडंडियों की निगरानी मुश्किल थी। इसे समझते हुए गृहमंत्रालय व राज्य सरकार ने 2010 के आसपास सीमा सटे नो मैंस लैंड के समानांतर रणनीतिक सड़क परियोजना को हरी झंडी दी थी।
इसके तहत 2021 में बिहार सीमा से सटे महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर और पीलीभीत के दरम्यान 550 किमी सड़क का निर्माण नोमेंस लैंड के समानांतर शुरू किया गया। परियोजना के तहत जनपद में 80 किमी सड़क का निर्माण किया जा था। 268 करोड़ रुपए की लागत से यह सड़क तैयार हो चुकी है।
आवश्यकतानुसार एसएसबी इसका उपयोग पेट्रोलिंग व निगरानी के लिए कर रही है। जनपद के हिस्से में इस सड़क पर बिहार से सटे जिले के झुलनीपुर में गंडक नहर पर पुल बनना शेष है। इसे भी जून के महीने में पूरा कर लिया जाना है।
सड़क निर्माण पूरा होने से एसएसबी के 13 बीओपी (बार्डर आउट पोस्ट) जो जनपदीय सीमा में होकर भी एक-दूसरे से कटे थे अब एक साथ आ गए हैं। सड़क बनने से महराजगंज जनपद में एसएसबी की खैराघाट, जोगियाबारी, सोनपिपरी, चंडीथान, बैरिया बाजार, मुडिला, दोमुहानघाट, सुंडी, हरदीडाली, कैथवलिया, खनुआ, डंडा हेड, भगवानपुर व सेवतरी एक दूसरे से जुड़ गए हैं।