Maharajganj News : जेसीबी चली, पिलर गड़े... अब कब्रिस्तान कमेटी ने कही ये बड़ी बात
30-Jun-2026
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महराजगंज। सिसवा नगर पालिका के गाँधी नगर वार्ड स्थित श्रीकृष्ण गौशाला और कब्रिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद में मंगलवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की भूमि पर गौशाला की ओर से पिलर गड़वाये तथा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल को जेसीबी से हटवा दिया गया। प्रशासन की मौजूद्गगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा।
जानकारी के अनुसार, भूमि विवाद को लेकर गौशाला समिति ने धारा -24 के तहत एसडीएम न्यायालय में वाद दायर किया था। प्रशासन ने एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता, तहसीलदार अमित कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी रविंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में पहले बाउंड्रीवाल हटवाई, फिर लेखपाल और कानूनगो की ओर से पैमाइश कराई गई। इसके बाद गौशाला के पक्ष में पिलर गाड़े गए।
कार्रवाई के दौरान कोठीभार, निचलौल, घुघली समेत करीब आठ थानों की पुलिस फोर्स और डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात रही। मौके पर कई हिंदू संगठनों के सदस्य भी मौजूद रहे। कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और क्षेत्र में स्थिति सामान्य है।
वहीं दूसरी तरफ आपन महराजगंज टीम ने जब कब्रिस्तान कमिटी के अध्यक्ष मुर्तुजा से बात की तो उन्होंने अपना पक्ष रखा। मुर्तुजा ने इस प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विवाद इसी वर्ष जनवरी से न्यायालय में विचाराधीन है। उनके अनुसार, उनकी खुद 74 साल उम्र है और वह करीब पिछले 50 वर्षों से उक्त स्थान पर गौशाला और कब्रिस्तान दोनों को देख रहे हैं। उनका दावा है कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार कब्रिस्तान की लगभग 27 डिसमिल भूमि कम दिखाई जा रही है, जबकि गौशाला के हिस्से में 46 डिसमिल भूमि कम है। इसके बावजूद प्रशासन पर दबाव बनाकर गौशाला समिति ने विवादित भूमि पर कब्जा कर लिया है।
उन्होंने आपन महराजगंज को बातचीत के दौरान बताया कि इस मामले में उच्च न्यायालय में आज यानि मंगलवार को भी सुनवाई की तारीख थी और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और किसी भी प्रकार के हिंदू-मुस्लिम तनाव या अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से कब्रिस्तान कमेटी ने कोई विरोध या कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि समिति न्यायालय के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रही है।
फ़िलहाल प्रशासन की इस करवाई के बाद मामला क्षेत्र में फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यायालय के अंतिम निर्णय पर आगे की कार्रवाई तय होगी।