Sohagibarwa Wooden Bridge : न कंक्रीट, न लोहे का सहारा... फिर भी वर्षों से खड़ा है यह अनोखा पुल

    05-Jun-2026
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Sohagibarwa Wooden Bridge : जिले के चौक क्षेत्र स्थित घने जंगलों के बीच में एक ऐसा लकड़ी से बना पुल है, जो आज भी लोगों के बीच आकर्षण और कौतूहल का विषय है। सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित यह पुल अपनी अनोखी बनावट और लंबे इतिहास के कारण चर्चा में रहता है। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे ये किसी पुराने दौर की कहानी बयां कर रहा हो।

यह पुल यह आज से नहीं बल्कि सदियों से यहां खड़ा है, जो अपनी मजबूत और टिकाऊ होने की वजह से आज भी इस स्थिति में है। लकड़ी से बने इस पुल की बात करें तो यह एक नाले के ऊपर बना है जो जंगल के बीच रहने वाले और आसपास के लोग के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पुल इतना पुराना है कि इसकी वास्तविक उम्र का अनुमान लगाना मुश्किल है। एक तरफ जहां आज के आधुनिक दौर में आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग हो रहा है तो वहीं यह लकड़ी का पुल आज भी इन दूर दराज के क्षेत्र के लोगों में अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है। सोहगीबरवा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के बीच मौजूद इस पुल को देखकर ऐसा लगता है जैसे हम कोई पुराना ऐतिहासिक दृश्य देख रहे हों। हालाँकि इसमें प्रयोग हुई लकड़ी अब काफी जर्जर हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद भी यहां से लोगों को गुजरते हुए देखा जाता है।

सदियों बीत जाने के बावजूद भी यह पुल यूंही खड़ा है। खास बात है कि इसके नीचे पिलर से बना लकड़ी का बेस पूरी तरह पानी में रहता है लेकिन आज भी बहुत कमजोर नहीं दिखता बल्कि इस पुल का पूरा भार अपने ऊपर लिए खड़ा है। मौजूदा समय में यह काफी सकरा हो गया है लेकिन पहले ऐसा नहीं था यह पुल पहले काफी चौड़ा होता था। जब आप इसके स्ट्रक्चर को देखेंगे तो इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि यह पहले कितना चौड़ा हुआ करता था।


पुल इतना पुराना है कि इसकी ज्यादातर पटरियां उखड़ चुकी हैं लेकिन स्थानीय लोगों ने आवागमन की सुविधा के लिए टूटे हुए पटरियों की जगह पर पेड़ की शाखों का इस्तेमाल किया है। वर्तमान समय में भी यहां के स्थानीय लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं और रोजाना इसी पुल से होकर आते जाते भी है।

बीच जंगल में खड़ा यह पुल वर्षों से यहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने का काम कर रहा है। जंगल में कई ऐसे गांव हैं जिनके लिए यह पुल बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है।

बहुत से लोग ऐसा बताते हैं कि यह पुल आज से नहीं बल्कि बहुत समय से यहां पर है। आज के समय में यह पुल सिर्फ आवागमन का साधन ही नहीं है बल्कि इस क्षेत्र के इतिहास का एक हिस्सा बन चुका है। घने जंगलों के बीच मौजूद होने की वजह से इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों को खूब आकर्षित करता है। चारों तरफ फैली हरियाली, ऊंचे पेड़ और नीचे बहता पानी इसको और भी खूबसूरत बनाता है। समय समय पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसके फोटोज और वीडियो देखने को मिलते रहते है। हालांकि इसकी जर्जर हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में इस पुल से गुजरना जोखिम भरा हो गया है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

फ़िलहाल जंगल के बीच खड़ा यह लकड़ी का पुल अतीत की विरासत और वर्तमान की ज़रूरत दोनों का अनोखा संगम बना हुआ है।