महराजगंज। बारिश के बाद निकली तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर लोगों की सेहत पर तेजी से पड़ रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ जुट गई। पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी तक मरीजों की कतार लगी रही। दोपहर दो बजे तक 1198 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें 605 मरीज बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित मिले। हालत गंभीर होने पर 17 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
बारिश के बाद तेज धूप और उमस के कारण लोग तेजी से बुखार और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। गुरुवार को ओपीडी पहुंचे 1198 मरीजों में 605 मरीज बुखार, उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर आए थे। प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर 588 मरीजों को घर भेज दिया गया, जबकि गंभीर स्थिति वाले 17 मरीजों को भर्ती किया गया।
जिला अस्पताल में मासूम पीड़ितों को त्वरित इलाज देने के लिए 31 बेड का आईसीयू वार्ड संचालित हैं। लेकिन पांच बेड वाले कक्ष को इंसेफेलाइटिस मरीजों के लिए सुरक्षित किया गया है। 26 बेड पर 37 मासूम पीड़ित भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
दवा लेने के बाद भी 403 मरीजों को बुखार से राहत नहीं मिल रही थी। दवा का असर समाप्त होते ही बुखार तेज होने की शिकायत पर डॉक्टर ने इन मरीजों को पैथॉलोजी जांच की सलाह दी। पैथॉलोजी में रजिस्ट्रेशन कराने और नमूना देने के लिए मरीजों की लंबी कतार लग गई।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश रमन और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजीव यादव ने बताया कि उमस भरी गर्मी में बुखार और डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को बारिश में भीगने से बचने, उमस भरी गर्मी में बार-बार स्नान करने से बचने और मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी।
डॉक्टरों ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लापरवाही न करें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।
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