महराजगंज। जिले के पशु चिकित्सा विभाग में सामने आए कथित वित्तीय फर्जीवाड़े के बीच अब बरगदवा पशु चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. दिलीप सिंह के नाम पर 1.37 करोड़ रुपये से अधिक के पर्सनल लोन कराए जाने का मामला सामने आया है। डॉक्टर की शिकायत पर घुघली पुलिस ने एक महिला, उसके पिता समेत 13 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कार लोन बंद कराने के नाम पर मांगे दस्तावेजघुघली क्षेत्र के हरखी गांव निवासी डॉ. दिलीप सिंह के मुताबिक नवंबर 2025 में उनकी रिश्तेदार गरिमा सिंह ने पुराने कार लोन को बंद कराने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने उनसे पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप के जरिए हासिल कर ली गई।
डॉक्टर का आरोप है कि बाद में इन्हीं दस्तावेजों और उनकी व्यक्तिगत जानकारी का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए उनकी जानकारी के बिना अलग-अलग वित्तीय संस्थानों से छह पर्सनल लोन स्वीकृत करा लिए गए।
छह संस्थानों से लिए गए करोड़ों के लोनशिकायत के अनुसार, चोला मंडलम से 19.41 लाख, बंधन बैंक से 23.64 लाख, यस बैंक से 24.51 लाख, आईसीआईसीआई बैंक से 19.89 लाख, एक्सिस बैंक से 27.02 लाख और एचडीएफसी बैंक से 22.92 लाख रुपये के लोन स्वीकृत कराए गए।
इन सभी लोन की कुल रकम 1 करोड़ 37 लाख 42 हजार 124 रुपये बताई गई है। आरोप है कि धनराशि अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली गई।
2.95 लाख की मासिक किश्त ने खोला मामलाडॉ. दिलीप सिंह के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों की ओर से कुछ किश्तें जमा की गईं, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। इसके बाद उनके ऊपर हर महीने करीब 2.95 लाख रुपये की किश्त चुकाने का दबाव आने लगा।
डॉक्टर का कहना है कि उनका मासिक वेतन करीब 1.25 लाख रुपये है। ऐसे में इतनी बड़ी किश्त का नोटिस मिलने के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई। आरोप है कि विरोध करने और दबाव बनाने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
13 नामजद और अज्ञात पर मुकदमाघुघली पुलिस ने मामले में गोरखपुर निवासी गरिमा सिंह, ध्रुवनारायण सिंह, विशाल यादव, साधना मल्ल, मोहन सिंह, दिनकर मणि त्रिपाठी, भानू प्रताप सिंह समेत छह वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने नामजद आरोपियों के अलावा अज्ञात लोगों को भी केस में शामिल किया है।
पुलिस के अनुसार मामले में बैंक खातों में हुए लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विवेचना के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुका है इसी नेटवर्क का मामलामामले को लेकर यह भी बताया जा रहा है कि इसी कथित नेटवर्क से जुड़े प्रकरणों में पहले भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। नौतनवा क्षेत्र में तैनात रहे पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा सिंह की आत्महत्या के मामले से भी इस नेटवर्क का नाम जोड़े जाने की बात सामने आई है। बताया गया है कि इस नेटवर्क के खिलाफ दर्ज होने वाली यह आठवीं प्राथमिकी है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।