नील नितिन मुकेश का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां संगीत सांसों में बसा था। दादा मुकेश और पिता नितिन मुकेश—दोनों दिग्गज संगीतकार।
इतनी बड़ी म्यूजिकल विरासत होने के बावजूद नील ने संगीत नहीं, बल्कि बॉलीवुड में अभिनेता बनने का फैसला किया।
नील नितिन मुकेश ने साल 1988 में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट बॉलीवुड में एंट्री ली, लेकिन असली संघर्ष आगे उनका इंतजार कर रहा था।
उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ फिल्में कीं, लेकिन बड़े पर्दे पर वह दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब नहीं हो सके।
‘जेल’, ‘लफंगे परिंदे’, ‘7 खून माफ’, ‘डेविड’ जैसी फिल्मों के बावजूद नील को लगभग 11 फ्लॉप फिल्मों का सामना करना पड़ा।
लगातार असफलताओं के बाद नील ने फिल्मी दुनिया से दूरी बनाकर अपने करियर को नई दिशा देने का फैसला किया।
जब सिल्वर स्क्रीन पर किस्मत नहीं चमकी, तो नील नितिन मुकेश ने बिजनेस की दुनिया में कदम रखा।
नील अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी चलाते हैं और रियल एस्टेट समेत कई बिजनेस वेंचर्स में निवेश कर चुके हैं।
फिल्मों से दूर होने के बावजूद नील की नेटवर्थ करीब 40 करोड़ रुपये है। लग्जरी कारें, महंगी घड़ियां और संपत्तियां उनकी पहचान हैं।
भले ही नील नितिन मुकेश बॉलीवुड में बड़ा नाम न बना सके, लेकिन बिजनेस में सफलता पाकर उन्होंने साबित कर दिया—मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।