सुरों की मलिका ! आशा भोसले की अनकही कहानी

80 साल का सफर, एक आवाज जिसने दुनिया जीत ली!

जानिए सुरों की रानी Asha Bhosle की अनकही कहानी

संघर्ष से हुई शुरुआत

आशा भोसले के पिता Deenanath Mangeshkar के निधन के बाद छोटी उम्र में ही जिम्मेदारियां आ गईं

10 साल में पहला गाना

सिर्फ 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म “माझा बल” से गायकी की शुरुआत

बहन का साथ, संघर्ष की राह

अपनी बहन Lata Mangeshkar के साथ मिलकर परिवार को संभाला

20 भाषाओं में गूंजे सुर

हिंदी से लेकर रूसी और मलय तक… 20 से ज्यादा भाषाओं में गाए गाने

हर अंदाज में महारत

फिल्मी गीत, ग़ज़ल, भजन, कव्वाली, पॉप और शास्त्रीय, हर शैली में बेजोड़ पहचान

किचन से बिजनेस तक

2002 में दुबई में ‘Asha’s’ रेस्टोरेंट शुरू कर बनीं सफल बिजनेसवुमन

अंतरराष्ट्रीय पहचान

उस्ताद अली अकबर खान के साथ एल्बम के लिए ग्रैमी नॉमिनेशन भी मिला

आखिरी गाना भी खास

ब्रिटिश बैंड Gorillaz के साथ ‘Shadowy Light’ गाया

एक आवाज... जो हमेशा जिंदा रहेगी

आशा भोसले ! संगीत की वो विरासत, जो हर दिल में बसती है