सचिन तेंदुलकर के 10 ऐसे रोचक तथ्य

जो हर क्रिकेट फैन को जानने चाहिए

सचिन तेंदुलकर के 10 अनसुने किस्से

क्या आप सचिन के सच्चे फैन हैं? इन 10 रोचक तथ्यों से खुद को परखिए।

नाम के पीछे की कहानी

सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर महान संगीतकार सचिन देव बर्मन के बड़े प्रशंसक थे। इसी वजह से उन्होंने बेटे का नाम सचिन रखा।

सजा बनी करियर की शुरुआत

जी हां। बचपन में शरारतों से परेशान होकर परिवार ने उन्हें क्रिकेट कोचिंग भेजा और वहीं से शुरू हुआ महान सफर।

एक रुपये का सिक्का

कोच रमाकांत आचरेकर स्टंप पर 1 रुपये का सिक्का रखते थे। बिना आउट हुए पूरा सेशन खेलने पर सिक्का सचिन का हो जाता था।

इतिहास रचने वाला आउट

14 नवंबर 1992 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थर्ड अंपायर द्वारा आउट दिए जाने वाले पहले बल्लेबाज बने।

दाएं से बल्लेबाजी, बाएं से लिखाई

सचिन बल्लेबाजी दाएं हाथ से करते हैं, लेकिन लिखते और टेबल टेनिस खेलते बाएं हाथ से हैं।

15 साल में रणजी डेब्यू

11 दिसंबर 1988 को सिर्फ 15 साल 232 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया और पहले ही मैच में शतक जड़ दिया।

क्रिकेट के भगवान भी रहे बॉल बॉय

1987 विश्व कप में भारत-जिम्बाब्वे मैच के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में सचिन बॉल बॉय की भूमिका निभा चुके हैं।

16 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू

15 नवंबर 1989 को कराची में सिर्फ 16 साल 205 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। एक महीने बाद वनडे डेब्यू भी पाकिस्तान के खिलाफ ही हुआ।

भारत रत्न बनने तक का सफर

4 फरवरी 2014 को सचिन तेंदुलकर भारत रत्न पाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने। उन्होंने अपने करियर में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक और 34 हजार से ज्यादा रन बनाकर इतिहास रचा।