जो हर क्रिकेट फैन को जानने चाहिए
क्या आप सचिन के सच्चे फैन हैं? इन 10 रोचक तथ्यों से खुद को परखिए।
सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर महान संगीतकार सचिन देव बर्मन के बड़े प्रशंसक थे। इसी वजह से उन्होंने बेटे का नाम सचिन रखा।
जी हां। बचपन में शरारतों से परेशान होकर परिवार ने उन्हें क्रिकेट कोचिंग भेजा और वहीं से शुरू हुआ महान सफर।
कोच रमाकांत आचरेकर स्टंप पर 1 रुपये का सिक्का रखते थे। बिना आउट हुए पूरा सेशन खेलने पर सिक्का सचिन का हो जाता था।
14 नवंबर 1992 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थर्ड अंपायर द्वारा आउट दिए जाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
सचिन बल्लेबाजी दाएं हाथ से करते हैं, लेकिन लिखते और टेबल टेनिस खेलते बाएं हाथ से हैं।
11 दिसंबर 1988 को सिर्फ 15 साल 232 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया और पहले ही मैच में शतक जड़ दिया।
1987 विश्व कप में भारत-जिम्बाब्वे मैच के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में सचिन बॉल बॉय की भूमिका निभा चुके हैं।
15 नवंबर 1989 को कराची में सिर्फ 16 साल 205 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। एक महीने बाद वनडे डेब्यू भी पाकिस्तान के खिलाफ ही हुआ।
4 फरवरी 2014 को सचिन तेंदुलकर भारत रत्न पाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने। उन्होंने अपने करियर में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक और 34 हजार से ज्यादा रन बनाकर इतिहास रचा।