Maharajganj News : रमजान का पैगाम: माफी, मोहब्बत और इंसानियत से मजबूत हों रिश्ते

    26-Feb-2026
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सिसवा बाजार।
रमजान का महीना सिर्फ रोजा रखने का नाम नहीं, बल्कि दिलों को साफ करने और रिश्तों को मजबूत बनाने का भी पैगाम देता है। यह महीना हमें सिखाता है कि अगर दिलों में कोई गलतफहमी या नाराजगी हो तो उसे दूर कर लेना चाहिए। किसी से माफी मांगना या किसी को माफ कर देना बहुत बड़ा नेक काम है।

मदरसा अरबिया अताउर्र रसूल के मौलाना मंजर हुसैन ने बताया जब इंसान अपने दिल से नफ़रत निकाल देता है, तभी शांति और प्रेम स्थापित होता है। रमजान हमें यह भी याद दिलाता है कि हमारी जिम्मेदारी केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है। हमारे आस-पास जो मजदूर, रिक्शा चालक, सफाई कर्मचारी या जरूरतमंद लोग हैं, वे भी हमारे समाज का हिस्सा हैं।


उनकी सहायता करना, उनके बच्चों की पढ़ाई में मदद करना, बीमारों का इलाज कराना ही असली इंसानियत है। आज की भागदौड़ और स्वार्थ से भरी दुनिया में रमजान का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

यह हमें रुककर सोचने का अवसर देता है कि क्या हम सच में इंसानियत निभा रहे हैं? क्या हम दूसरों के दर्द को समझते हैं? क्या हम अपने व्यवहार से किसी का दिल तो नहीं दुखा रहे? रमज़ान का असली मकसद यही है कि इंसान अपने अंदर बदलाव लाए। अगर रमजान के बाद भी हमारे व्यवहार में नरमी, शब्दों में मिठास और कर्मों में सेवा की भावना बनी रहती है, तभी रमजान की सफलता मानी जाएगी।