Maharajganj News : रमजान में क्यों बढ़ जाती है जकात की अहमियत? जानिए समाज बदलने की ताकत

    27-Feb-2026
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सिसवा बाजार।
इस्लाम एक संतुलित और न्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था का संदेश देता है, जिसमें आर्थिक समानता और सामाजिक न्याय को विशेष महत्व दिया गया है। जकात इसी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो समाज की आर्थिक मजबूती और जरूरतमंदों के उत्थान में अहम भूमिका निभाता है। रमजान के महीने में ज्यादा से ज्यादा जकात देना भी एक इबादत है।

मदरसा अरबिया अताउर्र रसूल के मौलाना अब्दुल कय्यूम मिस्बाही ने बताया कि जकात का शाब्दिक अर्थ है ‘पवित्र करना’ और ‘वृद्धि करना’। इस्लाम में यह एक अनिवार्य इबादत है, जिसके तहत निर्धारित सीमा से अधिक संपत्ति रखने वाले मुसलमानों को अपनी संपत्ति का एक निश्चित हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देना होता है।

आमतौर पर यह राशि 2.5 प्रतिशत होती है। जकात केवल दान नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित आर्थिक व्यवस्था है। इसका उद्देश्य समाज में धन का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि संपत्ति केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहे। जब संपन्न लोग अपनी संपत्ति का एक हिस्सा जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं, तो इससे आर्थिक असमानता कम होती है और समाज में संतुलन स्थापित होता है।


इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार, जकात का अधिकार गरीबों, विधवाओं, अनाथों, कर्जदारों और जरूरतमंद यात्रियों को है। इससे वे अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर पाते हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। कई बार जकात की राशि से छोटे व्यवसाय शुरू करने में सहायता मिलती है, जिससे स्थायी रोजगार के अवसर भी बनते हैं। जकात का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह अमीर और गरीब के बीच की दूरी को कम करता है।

रमजान के महीने में जकात देना महत्वपूर्ण है। इससे समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना मजबूत होती है। जब समाज का संपन्न वर्ग जरूरतमंदों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाता है, तो सामाजिक एकता और विश्वास बढता है।

आज के दौर में जब आर्थिक विषमता तेजी से बढ रही है, जकात जैसी व्यवस्था समाज के लिए एक प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है। यदि इसे सही तरीके से और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए, तो यह गरीबी उन्मूलन और आर्थिक सुधार का मजबूत माध्यम बन सकती है।

इस प्रकार, जकात केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक सुधार की सशक्त व्यवस्था है, जो न्याय, करुणा और संतुलन पर आधारित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है।