Maharajganj News : अब हार्ट अटैक-कैंसर मरीजों को तुरंत मिलेगा लाइफ सपोर्ट! जिला अस्पताल में बन रही खास यूनिट

    16-Mar-2026
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महराजगंज।
महराजगंज के जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। अब जिले के कैंसर और हार्ट अटैक पीड़ितों को तत्काल इलाज लेने में परेशानी नहीं होगी। इन मरीजों को लाइफ सपोर्ट पर इलाज मिलेगा।

इसके लिए जिला अस्पताल में छह-छह बेड का डे केयर कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट बनेगा। यूनिट में वेंटिलेटर और ईसीजी सुविधा रहेगी। इतना ही नहीं मरीजों की देखभाल के लिए यूनिट में डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारी की ड्यूटी रहेगी। पीड़ित को यूनिट में भर्ती कर देखभाल किया जाएगा।

शासन ने कैंसर और हार्ट अटैक पीड़ितों को त्वरित इलाज मुहैया कराने का आदेश दिया है। शासन का आदेश मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है।

पुरानी इमरजेंसी में छह बेड का डे केयर कैंसर यूनिट और मेडिकल वार्ड में छह बेड का कार्डियोलॉजी यूनिट संचालित करने के लिए कोशिश तेज कर दी है। यूनिट में कैंसर और हार्ट अटैक पीड़ितों को भर्ती कर देखभाल किया जाएगा। इसके लिए यूनिट में डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगेगी।

वेंटिलेटर व ईसीजी की मिलेगी सुविधा

डे केयर कैंसर यूनिट और कार्डियोलॉजी यूनिट में हर बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा रहेगी। इसके साथ ही ईसीजी की जांच की भी सुविधा होगी। जरूरत पड़ने पर मरीज को वेंटिलेटर पर इलाज दिया जाएगा। तकनीशियन यूनिट में पहुंचकर मरीज की ईसीजी जांच कर परिजनों को उपलब्ध कराएंगे।


प्राथमिक इलाज के बाद पीड़ित होंगे रेफरकैंसर और हार्ट अटैक से गंभीर मरीजों को यूनिट में भर्ती किया जाएगा। यहां पर मरीज को प्राथमिक इलाज दिया जाएगा। वेंटिलेटर पर प्राथमिक इलाज के बाद हालत में सुधार नहीं होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।

विशेषज्ञ डॉक्टर से ले सकेंगे परामर्शडे केयर कैंसर यूनिट और कॉर्डियोलॉजी यूनिट में तैनात डॉक्टर मरीज के इलाज में आ रही दिक्कत का समाधान कराने के लिए ऑनलाइन विशेषज्ञ से मार्गदर्शन ले सकेंगे। इसके लिए कैंसर व कार्डियोलॉजी यूनिट मेडिकल कालेज गोरखपुर और केजीएमयू के डॉक्टर ऑनलाइन मार्गदर्शन देने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

छह बेड का डे केयर कैंसर यूनिट और छह बेड का कार्डियोलॉजी यूनिट संचालित करने की कोशिश तेज कर दी गई है। बहुत जल्द यूनिट शुरू हो जाएंगे। लाइफ सपोर्ट की सुविधा उपलब्ध होने से बीमारी से गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज देने में सहूलियत मिलेगी। मरीजों की देखभाल के लिए यूनिट में डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यूनिट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।