Maharajganj News : अब नहीं चलेगा कोई हेरफेर! डिजिटल जनगणना में एक बार लॉक हुआ डेटा, फिर बदलाव नामुमकिन

    28-Mar-2026
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महराजगंज।
महराजगंज में देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसके तहत जिले के सभी वार्डों और गांवों का डाटा सीएमएमएस (सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) पोर्टल पर फ्रीज किया जाएगा। एक बार पोर्टल पर डाटा लॉक होने के बाद इसमें किसी भी प्रकार का मैन्युअल संशोधन संभव नहीं होगा।

इसी जवाबदेही को देखते हुए मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण में अब फील्ड ट्रेनरों को डिजिटल बारीकियों का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है। फील्ड ट्रेनरों के अंतिम बैच का प्रशिक्षण आज पूरा हो जाएगा। जिले में जनगणना के लिए लगभग छह हजार कर्मियों की ड्यूटी लगाई है।

इसमें प्रगणक व सुपरवाइजर शामिल हैं। एक सुपरवाइजर के अधीन 6 से 8 प्रगणक कार्य करेंगे। जनगणना कर्मियों को उनके कार्यक्षेत्र वॉर्ड या गांव का आवंटन भी पोर्टल के माध्यम से ही किया जाएगा। इससे डिजिटल मैपिंग के जरिए प्रत्येक कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी। रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।

नजरी नक्शा बनेगा आधार, नहीं छूटेगा एक भी घरडिजिटल जनगणना के लिए सभी राजस्व ग्रामों व शहरी वार्डों का अनुमानित मकान सूचीकरण ब्लॉक के आधार पर कच्चा व नजरी नक्शा तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2023-24 में जनगणना निदेशालय द्वारा तैयार कराए गए वार्ड मैप की सहायता से ही पोर्टल पर ब्लॉक बनाए जाएंगे। इससे प्रत्येक वार्ड की चौहद्दी (सीमाएं) स्पष्ट होगी।स्लम व सुपरवाइजर ब्लॉक पर विशेष फोकसनगर निकायों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं के आधार पर स्लम (मलिन बस्ती) ब्लॉकों की विशेष पहचान की जाएगी।


सुपरवाइजर सर्कल ब्लॉक बनाने से पहले तहसील व नगर निकाय स्तर पर मकान सूचीकरण ब्लॉक के नक्शों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। मास्टर ट्रेनर अब फील्ड ट्रेनरों को यह सिखा रहे हैं कि कैसे प्रगणकों के कार्यक्षेत्र को आपस में जोड़कर क्लस्टर तैयार किया जाए। जिससे गणना में कोई बाधा न आए।जनगणना को लेकर तैयारी चल रही है। फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण अंतिम दौर में है।

दिशा निर्देश व तय प्रक्रिया के तहत जनगणना होगी। स्व-गणना 7 मई से 21 मई तक होगी। पहले चरण में मकान का सूचीकरण 22 मई से 20 जून 2026 तक होगा।