Maharajganj News : मोबाइल के बदले कंबल-बर्तन, फिर बनता था साइबर ठगी का हथियार! 5 शातिर गिरफ्तार

    15-Apr-2026
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महराजगंज।
महराजगंज में साइबर क्राइम के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 15 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम थाना और श्यामदेउरवां पुलिस की संयुक्त टीम ने परतावल नहर पटरी से 5 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक (गोरखपुर जोन) अशोक मुथा जैन एवं पुलिस उप महानिरीक्षक (गोरखपुर रेंज) एस. चनप्पा और पुलिस अधीक्षक (जनपद महराजगंज) शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर की गयी।

गिरफ्तार अभियुक्त बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं और एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह गांव-गांव घूमकर लोगों से कंबल या बर्तन के बदले पुराने मोबाइल फ़ोन इकठ्ठा करता था।

इसके बाद इन मोबाइलों को कोलकाता में एक साथी को बेच दिया जाता था, जहां से ये फोन साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे। इन फोनों के मदरबोर्ड और IMEI नंबर का इस्तेमाल कर OTP फ्रॉड, फिशिंग और फ़र्ज़ी कालिंग जैसे अपराधों को अंजाम दिया जाता था।


यह एक अंतर्राज्यीय संगठित अपराध (Organized Cyber Crime Network) है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गिरोह साइबर अपराध को सुगम बनाने हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहा था।

यह सभी शातिर अपराधी 5 अप्रैल 2026 से थाना श्यामदेउऱवा क्षेत्रा के परतावल मे रह रहे थे । इस प्रकार के अपराध मे अभियुक्त मुन्ना कुमार पहले से ही सक्रिय था।

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 318 एंड्रॉइड मोबाइल फोन (लगभग 80 लाख रुपये कीमत), 110 मोबाइल मदरबोर्ड, 5 मोबाइल, 55 फर्जी बिल, 5700 रुपये नकद और 5 मोटरसाइकिल बरामद की हैं।

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने इस सफलता पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि साइबर क्राइम से जुड़े ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ उन्होंने आम जनता से अपील की कि पुराने मोबाइल फोन बेचते समय सावधानी बरतें और केवल अधिकृत दुकानों या विश्वसनीय व्यक्तियों के माध्यम से ही लेन-देन करें।