Maharajganj News : अब नहीं चलेंगी मनमानी किताबें ! नए नियमों से स्कूलों में मची हलचल
15-Apr-2026
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महराजगंज। यूपी बोर्ड से जुड़े निजी स्कूलों की महंगी और मनमाने प्रकाशकों की किताबें लागू करने पर अब पूरी तरह रोक लगने जा रही है। शासन के निर्देश पर अब हाईस्कूल व इंटर के विद्यार्थियों के लिए सिर्फ तीन मुद्रकों को ही मंजूरी दी गई है। माध्यमिक स्कूलों में अब सिर्फ इन्हीं मुद्रकों की पुस्तक हीं चलेंगी। इस सम्बन्ध में डीआईओएस स्तर से पत्र जारी कर दिया गया है।
जनपद में 278 माध्यमिक स्कूलों का संचालन है जिसमें पिछले सत्र तक 1.17 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण था जो इस बार और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह फैसला बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों को राहत देने वाला है।
विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि निर्धारित प्रकाशकों के अलावा अन्य किताबें मिलने पर संबंधित विद्यालयों पर कार्रवाई होगी। राजकीय माध्यमिक बरवांराजा के वरिष्ठ प्रवक्ता रामजी प्रसाद ने बताया कि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने और स्कूल संचालकों की मनमानी रोकने के लिए इस बार एनसीईआरटी के कड़े नियम लागू किए गए हैं। शासन की तरफ से चयनित प्रकाशकों की पुस्तकें ही बाजार में बिकेंगी और इन्हीं से पढ़ाई कराई जाएगी।
निर्देश के अनुसार, जिन विद्यालयों में 500 से अधिक छात्र हैं, वहां पुस्तक मेले लगाकर अधिकृत किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। कक्षा 9 से 12 तक विभिन्न विषयों की कुल 70 पाठ्यपुस्तकें और हिंदी, संस्कृत, उर्दू की 12 चयनित पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं।
शासन द्वारा जिन प्रकाशकों को मंजूरी दी गई है, उनमें पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स (आगरा), सिंघल एजेंसीज (लखनऊ) और पीताम्बरा बुक्स (झांसी) शामिल हैं।
इस नयी व्यवस्था से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आने और छात्रों को सस्ती एवं मानक पुस्तकें उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।