Maharajganj News : अब इस तरह आवाज से पकड़े जाएंगे अपराधी, रेलवे में शुरू हुई हाईटेक निगरानी
16-Apr-2026
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महराजगंज। रेलवे में अब अपराध पर लगाम लगाने के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए यक्ष ऐप का प्रयोग किया जायेगा। जीआरपी आनंद नगर की तरफ से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैस यक्ष एप पर आनंद नगर रेलवे थाना ने आठ हिस्ट्रीशीटरों के साथ 115 अपराधियों का विवरण फीडिंग पूरी कर लिया है। अब वायस सैंपल (आवाज नमूना) अपलोड किए जा रहे हैं। आवाज के नमूने से ही यक्ष एप से अपराधियों की पहचान की जा सकेगी।
रेलगाड़ियों के साथ साथ रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर सुरक्षा दायरा मजबूत किया जा रहा। आने वाले मई महीने से राज्य के किसी भी रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म या ट्रेन में किसी प्रकार की वारदात होती है तो जीआरपी सबसे पहले यक्ष की मदद से उनकी कुंडली से साक्ष्य मिलान करेगी जो कभी रेलवे अपराध मामले में जीआरपी के हत्थे चढ़े या जिनपर किसी भी अपराध का अभियोग पंजीकृत रहा।
चंद सेकेंड की इस मैचिंग के जरिये जीआरपी यह सुनिश्चित कर सकेगी कि ताजा घटना क्रम में क्या कोई पुराना अपराधी तो नहीं शरीक है। अगर किसी पुराने अपराधी से घटना का तरीका, घटना स्थल पर कैद अपराधी की आवाज, फोटो या अन्य किसी भी क्लू की मिलान हो जाती है तो उन तक जीआरपी की सीधी पहुंच होगी।
आनंद नगर जीआरपी थानाध्यक्ष पंकज यादव के मुताबिक जीआरपी प्लेटफार्म के साथ ट्रेनाें में सक्रिय अपराधियों की कुंडली अब कंप्यूटर पर ला रही है। आनंदनगर थाने के रिकार्ड की लगभग 95 फीसदी अपलोडिंग पूरी हो चुकी है। कुछ अपराधियों के वायस सेंपल की अपलोडिंग ही शेष बची है। एप को जीआरपी रियल टाइम अपडेट करती रहेगी जिससे अपराधी की मृत्यु या किसी मामले में फैसला, जमानत निरस्त कर जेल भेजने जैसे छोटे-छोटे बदलाव भी पता चल सकेंगे।