Maharajganj News : किताबों में 'प्रयोग', हकीकत में खाली लैब! जांच में खुली स्कूलों की पोल

    20-Apr-2026
Total Views |

महराजगंज।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रयोगात्मक शिक्षा पर जोर तो दिया जा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

10वीं के लिए विज्ञान प्रयोगशाला तो 11 व 12 के लिए विज्ञान के अलावा भूगोल व गृह विज्ञान की प्रयोगशालाओं को संचालित करने के निर्देश हैं। जिससे बच्चे किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक का अनुभव लेकर शिक्षा ज्ञान बेहतर कर सकें, लेकिन अधिकतर प्रयोगाशालाएं संसाधन की कमी से जूझ रही हैं।

डीआईओएस की जांच में ऐसी ही प्रयोगशाला इंटर कॉलेजों में मिल रही जिसे देखते हुए उन्होंने सभी माध्यमिक स्कूलों में प्रयोगशालाओं के नियमित संचालन व संसाधन के साथ सफाई के लिए निर्देश जारी किये हैं।

जनपद में 278 माध्यमिक स्कूलों का संचालन है जिसमें 1.17 लाख विद्यार्थी नामांकित हैं। सभी माध्यमिक स्कूलों में 10 वी के विज्ञान की प्रयोगशाला व 11 वीं 12 वी में रासायन, भौतिकी, जंतु विज्ञान, भूगोल व गृह विज्ञान प्रयोगानालाएं संचालित रखनी। इसके लिए प्रोजेक्ट अलंकार से भी मदद उपलब्ध कराई गई।


इस मदद से सभी जगह जरूरी प्रयोगशाला तो बनी, लेकिन इसमें संसाधनों की किल्लत बनी हुई है। शनिवार डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा ने फरेंदा क्षेत्र के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जिसमें कई स्कूल प्रयोगशाला में संसाधनों का आभाव मिला।

सेठ आनंद राम जयपुरिया इंटर कालेज में जहां रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में रासायनिक अवयव व परखनली इत्यादि की कमी मिली वही जंतु विज्ञान प्रयोगशाला में इतनी बदबू की नाक बंद करने की स्थिति उत्पन्न हुई।

उक्त अव्यवस्था पर उन्होंने न सिर्फ प्रधानाचार्य बल्कि रासायन विज्ञान प्रवक्ता एसके गोंड को भी फटकार लगाकर निर्देश दिया कि सभी प्रयोगशालाओं को आवश्यक संसाधनों से लैस कर नियमित रूप से संचालित किया जाए और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।