Success Story : गांव से निकली चमक! कैसे एक स्कूल बना जिले की शिक्षा का 'मॉडल'?

    03-Apr-2026
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महराजगंज जैसे ग्रामीण परिवेश वाले जिले में जहाँ आज भी कई इलाकों में आज भी अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा की कमी महसूस की जाती है, वहीं सिसवा बाजार क्षेत्र के बीजापार स्थित आरपीआईसी स्कूल ने अपनी अलग पहचान बनाई है।

बता दें कि जिले की एक बड़ी आबादी यहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और इसके साथ ही जिले के ज्यादातर विद्यालय ग्रामीण परिवेश में संचालित होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर जगह पर अच्छी शिक्षा का अभाव देखने को मिलता है। इसके विपरीत जिले के सिसवा बाजार क्षेत्र के बीजापार स्थित आरपीआईसी स्कूल अपने बेहतरीन शिक्षा के लिए जाना जाता है।

यह स्कूल अपने क्वालिटी ऑफ एजुकेशन और अनुशासन के लिए जिले में अपनी एक अलग पहचान रखता है। हर साल बेहतर परीक्षा परिणाम और मॉडर्न एजुकेशनल मेथड की वजह से भी जिले के टॉप विद्यालयों में भी अपनी जगह बनाता है। साल 2016 में शुरू हुए इस विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अलग उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय के छात्रों की हर साल लगातार सफलता की वजह से इस विद्यालय का नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया जा चुका है।

बीजापार स्थित आरपीआईसी स्कूल के छात्रों का हर साल बेहतरीन परीक्षा परिणाम होता है, जिसकी वजह से पूरे जिले में इसकी चर्चा होती है। विद्यालय के संचालक डॉ. पंकज तिवारी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया की विद्यालय की सफलता के पीछे शिक्षकों की मेहनत अनुशासन और विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की लगन इस सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है।


इसके साथ ही उन्होंने बताया कि विद्यालय में पठन-पाठन के कार्य के साथ ही बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है। समय-समय पर आयोजित होने वाले साइंस एग्जीबिशन, कल्चरल प्रोग्राम और क्रिएटिव एक्टिविटी में छात्रों के प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है जिसकी एक बड़ी भूमिका होती है। इस वजह से बोर्ड परीक्षा के साथ ही बच्चे अन्य दूसरे प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन करते है।

छात्रों को मिलती है ये सुविधा
आरपीआईसी स्कूल की अलग और विशेष बात यह है कि बच्चों की प्रतिभा को निखरने के लिए उन्हें अतिरिक्त कक्षाओं की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। बोर्ड एग्जाम और अन्य दूसरे कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स के प्रिपरेशन के लिए भी विद्यालय की ओर से एक्स्ट्रा क्लासेस चलाई जाती हैं। इन एक्स्ट्रा क्लासेस के लिए बच्चों को किसी तरह का शुल्क भी नहीं देना होता है। बल्कि इससे हर वर्ग के छात्रों को फायदा मिलता है और इसका असर बोर्ड एग्जाम्स के रिजल्ट पर भी दिखता है।

ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की नई मिसाल पेश करता यह स्कूल अब जिले के लिए एक प्रेरणा बनता जा रहा है।