Maharajganj News : 17 साल से बंद पड़ा निचलौल डिपो, अब अचानक मिलने जा रहा जीवनदान

    09-Apr-2026
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महराजगंज।
लंबे समय से गुमनामी में खोया निचलौल बस डिपो अब फिर से चर्चा में है। 2007 से पहले जनपद में संचालित इस डिपो का निर्माण पीपीपी माॅडल पर विकसित किया जाएगा। इसकी मंजूरी बुधवार को राज्य के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने देते हुए पत्र जारी किए हैं, जिससे क्षेत्र में नयी उम्मीद जगी है।

जिले को यह सौगात सिसवां विधायक प्रेमसागर पटेल की सक्रियता से प्राप्त हुई है। परिवहन मंत्री से मिलकर उन्होंने निचलौल बस अड्डे के लिए आवाज बुलंद की, मंजूरी पत्र जारी होने से जिले में हर्ष का माहौल है। निचलौल बस अड्डे की बात करें तो वर्ष 1989 में सिसवां विस की बंद चीनी मिल (खड़सारी) के परिसर को परिवहन निगम निचलौल का डिपो बनाया गया। यहां से बसें राजधानी दिल्ली तक दौड़ती रही। इस डिपो ने सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग को पहचान दी।


लेकिन 2007 में आई भारी बारिश के बाद डिपो परिसर में जलभराव हो गया जिसके बाद कुछ माह के लिए डिपो को मुख्यालय स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन इस बदलाव के बाद दोबारा निचलौल डिपो से बसों का संचालन नहीं शुरू हो पाया। जनपद के निवासी गोविन्द वर्मा के मुताबिक इसी वर्ष मौजूदा मुख्यमंत्री व तबके गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ की गिरफ्तारी प्रदेश सरकार ने करा दी जिसके बाद पूर्वांचल संप्रदायिकता की आग में झुलसा।

उस समय उपद्रवियों ने निचलौल डिपो के भवन व बसों को निशाना बनाया। जिसके बाद अगस्त 2008 में महराजगंज व सोनौली दो रोडवेज बस डिपो का शिलान्यास हो गया।इसके बाद निचलौल डिपो का नाम व भवन गुमनामी के अंधेरे में डूबता गया। विधायक बनने के बाद प्रेम सागर पटेल ने इसके लिए लगातार प्रयास किया तो अब परिवहन मंत्री ने इसे पीपीपी माडल पर बनाए जाने के लिए हरी झंडी दी है।

निचलौल बस अड्डे को दोबारा संचालित कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इसके मंजूरी मिलने की जानकारी मिल रही, लेकिन विभाग से अभी कोई पत्र नहीं मिला है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कब तक यह योजना धरातल पर उतरती है।