Maharajganj News : पुल टूटा तो थम गई जंगल की रौनक, वीरान पड़ा 40 किमी का सफारी रूट

    19-May-2026
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महराजगंज।
पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई सोहगीबरवा जंगल सफारी पिछले साढ़े तीन वर्षों से बंद पड़ी है। 9 अप्रैल 2022 को शुरू हुई डेढ़ करोड़ की यह सफारी महज छह महीने चल पाई। अक्तूबर 2022 में सिगरैना ताल का पुल टूटा और तब से 40 किमी का सफारी रूट वीरान है। इससे करीब 150 स्थानीय लोगों का रोजगार छिन गया है।

करीब 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैले सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग में तेंदुआ, हिरण, चीतल, भालू, मगरमच्छ और अजगर जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं। मधवलिया रेंज से शुरू होकर उत्तरी चौक, दक्षिणी चौक होते हुए देईभार तक पर्यटकों को घुमाया जाता था। सिगरैना ताल का पुल भीतरी भाग को जोड़ता था। पुल टूटने से अब वहां सिर्फ पैदल या बाइक से जाया जा सकता है। जिप्सी और कार न जा पाने से पर्यटक मायूस लौट रहे हैं।


शुरुआत के छह महीने सोहगीबरवा में रौनक रही। देश-विदेश से पर्यटक आए। स्थानीय लोग गाइड बने। होम-स्टे चले। पुल टूटते ही सब ठप हो गया।

सात रेंज, एक सफारी
सोहगीबरवा में सात रेंज हैं। पकड़ी, दक्षिणी चौक, उत्तरी चौक, मधवलिया और लक्ष्मीपुर की सीमा आपस में जुड़ी है। इन्हीं पांच रेंज को जोड़कर सफारी शुरू की गई थी। मधवलिया केंद्र बिंदु था। नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग और ट्रेकिंग भी जोड़ी गई थी। सफारी रूट को रामग्राम और देवदह जैसे बौद्ध स्थलों से भी जोड़ा गया था।

स्काई वॉक भी अधर में
सिगरैना ताल पर प्रस्तावित स्काई वॉक परियोजना भी पुल टूटने के कारण अधर में लटक गई है। ऑनलाइन बुकिंग बंद है। अप्रैल से जुलाई तक का सीजन खाली निकल रहा है। लकड़ी का पुल बार-बार टूटता है, इसलिए स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा।