UP Politics : अब गांव की सरकार प्रधानों के हाथ, 882 ग्राम पंचायतों में बदली व्यवस्था

    27-May-2026
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महराजगंज। शासन के निर्देश अनुरूप 882 ग्राम पंचायतों में अब गांव की सरकार प्रशासकों के जिम्मे होगी। इस बार शासन ने पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एडीओ पंचायत की जगह निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया है।

उत्तर प्रदेश पंचायती राज अनुभाग-3 के अनुसचिव किशलय सिंह का आदेश जिलाधिकारी को 25 मई की देर शाम प्राप्त हो गया है।

ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हुआ, लेकिन इससे पहले ही सरकार ने निर्वाचित प्रधानों पर भरोसा करते हुए उन्हें प्रशासक का दायित्व सौंपे जाने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि इसके प्रधान संगठनों ने जनपद से लेकर राजधानी तक एड़ी चोटी का जोर लगाने में कोई कसर नही छोड़ी थी लेकिन अबतक चली आ रही व्यवस्था को समाप्त करना आसान नहीं था। शासन ने प्रधानों के पक्ष में फैसला देकर एक तरह से उन्हें अपने पाले में लाने के प्रयास किया है। दरअसल, प्रदेश में पंचायत चुनाव समय में पर कराने में सरकार सफल नहीं हो पाई।


इसके बाद से पंचायतों में प्रशासक की नियुक्ति की चर्चा चल रही थी। सरकार की ओर से पहले एडीओ पंचायत को प्रशासक के तौर पर नियुक्त करती थी। हालांकि, सरकार ने इसके विपरीत गांवों में चलने वाली योजनाओं की गति को बनाए रखने के लिए प्रधानों को ही प्रशासक के तौर पर नियुक्त करने का फरमान जारी कर दिया।

पंचायती राज विभाग की तरफ से आए पत्र में यह शर्त रखी गई है कि निवर्तमान प्रधान प्रशासक के रूप में नीति विषयक निर्णय नहीं ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें डीपीआरओ के माध्यम से प्रस्ताव डीएम के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमति लेनी होगी। नीतिगत निर्णय में जी पीडीपी कार्य माने जा सकते हैं।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद गांवों में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों को जारी रखने में आसानी होगी। शासन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर पहले से कार्य कर रहे प्रधान गांव की जरूरतों और योजनाओं से बेहतर तरीके से परिचित होते हैं, इसलिए विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।