Mobile Addiction In Kids : क्या आपका बच्चा भी मोबाइल का हो चुका है आदी? डॉक्टरों ने बताई डराने वाली सच्चाई
28-May-2026
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Mobile Addiction In Kids : क्या आपका बच्चा भी मोबाइल देखने का आदि हो गया है ? गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों का हद से ज़्यादा मोबाइल देखना चिंता का कारण बन गया है। क्योंकि मोबाइल बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, अधिक समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने से बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं। इनदिनों में गर्मी की छुट्टियों में ज्यादातर बच्चे मोबाइल देखने में अधिक समय बीव्यतीत कर रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि मोबाइल में बच्चे यूट्यूब पर वीडियोस और गेम्स वगैरह ज्यादा देखते हैं। मोबाइल देखने से बच्चों के आंख की रेटिना, ब्रेन पर प्रभाव पड़ता है। मोबाइल में मारपीट और तमाम तरह की उत्तेजित करने वाली चीजें दिखाई जाती हैं। ऐसी एग्रेसिव चीजें देखने से बच्चों का व्यवहार आक्रामक होता है। उन्हें किसी को मारना या जानवरों को चोट पहुंचाना अच्छा लगने लगता है।
हालांकि कई बार माता-पिता मामूली समझकर ऐसी गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हें लगता है बच्चा शैतान है लेकिन बाद में ऐसे बच्चों की मानसिकता आक्रामक हो जाती है। बचपन में ऐसे व्यवहार करते देख बच्चों को न रोकने पर बाद में दिक्कत होती है। विशेषज्ञों की माने तो बच्चों के मोबाइल के इस्तेमाल का समय और वे किस तरह का कंटेंट देख रहे हैं, माता-पिता को इस पर नजर रखनी चाहिए।
डॉ. अमित विक्रम सिंह ने बताया कि मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से भी बीमार हो सकते हैं। ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने से बच्चों में सिरदर्द, आंखों की कमजोरी, एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन और नींद न आने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों की रूटीन टाइमिंग बिगड़ जाती है। इससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। बच्चे चिड़चिड़ेपन और नींद न आने समेत अन्य बीमारियों से भी ग्रसित हो सकते हैं। मोबाइल ज्यादा देखने से बच्चों को इसकी आदत लग जाती है। इससे बच्चों की एकाग्रता कम होती है और पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता। वह एक जगह बैठकर ध्यान लगाकर काम करने में अक्षम होते हैं।
ऐसे छुड़ाएं मोबाइल के इस्तेमाल की आदत
बच्चों की मोबाइल की आदत छुड़ाने के लिए माता-पिता को खुद भी अनुशासित होना होगा। उन्हें भी बच्चों के सामने मोबाइल नहीं चलाना चाहिए। जिन बच्चों को मोबाइल की आदत है, धीरे-धीरे उनकी स्क्रीन टाइमिंग को काम करें।