Mahdeiya Temple : पोखरे की खुदाई में निकली थी यह रहस्यमयी मूर्ति, आज दूर-दूर से दर्शन को पहुंचते हैं श्रद्धालु

    07-May-2026
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Mahdeiya Temple:
यूपी के महराजगंज जनपद के अलग-अलग हिस्सों में बहुत से धार्मिक स्थल मौजूद हैं। जिले के भिटौली क्षेत्र में ऐसा ही धार्मिक स्थान है जो बहुत प्रसिद्ध है। यह प्राचीन विष्णु मंदिर अपने प्राचीनता की वजह से जाना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 1939 में एक पोखरे की खुदाई के दौरान यहां से भगवान विष्णु की एक बेहद प्राचीन और अनोखी मूर्ति मिली थी। तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन गया।

यह प्राचीन भगवान विष्णु का मंदिर कई दशकों पुराना है। स्थानीय लोगों के बीच जमीन से खुदाई के दौरान मिली इस मूर्ति के प्रति बहुत ही श्रद्धा है। इस मूर्ति के मिलने के बाद से ही इस धार्मिक स्थल पर पूजा पाठ का काम कार्यक्रम शुरू हो गया। जैसे जैसे समय बीतता गया इस मंदिर से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ती गई और आज के समय में यहां दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।


विष्णु मंदिर महदेइया एक क्षेत्रीय व्यक्ति ने बताया कि साल 1939 में एक पोखरे की खुदाई के दौरान यह भगवान विष्णु मूर्ति प्राप्त हुई थी। इस मूर्ति मिलने के बाद इस क्षेत्र के एक बड़े स्टेट ठाकुर शिव जपत सिंह ने इस मूर्ति को स्थापित कराया। महदेइया गांव के इस भगवान विष्णु के मूर्ति की बात करें तो यह एकदम काले रंग की है। ग्रामीण इसकी तुलना अयोध्या में स्थापित भगवान राम की मूर्ति से भी करते हैं। समय के साथ-साथ इसकी चर्चा क्षेत्र में बढ़ी और इस मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया है।

इस मंदिर में हर साल बसंत पंचमी के समय में यहां पर एक भव्य मेले का आयोजन होता है। तीन से पांच दिनों तक चलने वाला यह मेला स्थानीय लोगों के बीच एक बड़े आयोजन के रूप में जाना जाता है। 1939 शुरू हुआ यह आयोजन लगातार हर साल इसी तरह संचालित होता है।

बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाला यह भव्य मेला स्थानीय लोगों के बीच सिर्फ एक मेला नहीं है बल्कि हर साल लोगों को जोड़ने का एक माध्यम भी है। स्थानीय लोगों में इस मेले को लेकर इतनी उत्सुकता रहती है कि घर के जो सदस्य अन्य दूसरे शहरों में भी रहते हैं वह भी इस समय अपने घर लौटते हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के दोस्त और रिश्तेदार भी इस मेले को देखने के लिए आते हैं।

साल 1939 में पोखरे की खुदाई के दौरान मिली है भगवान विष्णु की मूर्ति भारतीय कला और शिल्प परंपरा के झलक को भी दिखाती है। इसके साथ ही यह सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से खास नहीं है बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी इसको जोड़कर देखा जाता है। यह स्थल इतिहास और आस्था दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।