Maharajganj News : सावधान ! बारिश के बाद कान में खुजली और गले में दर्द को न करें नजरअंदाज, विशेषज्ञों ने दी सलाह
12-Jun-2026
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महराजगंज। जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश और मौसम में हो रहे लगातार बदलाव की वजह से जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में प्रतिदिन मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिल रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल में करीब 50 से 60 मरीज पहुंचे। एक सप्ताह पहले ऐसे मरीजों की संख्या 30 से 40 थी। डॉक्टर ने जांच कर दवा देकर सतर्कता बरतने की सलाह दी।
डॉक्टरों के अनुसार, सरकारी और निजी अस्पतालों में भी ईएनटी रोगियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो गई है। ज़्यादातर मरीजों में बीमारी की शुरुआत गले में खुजली, चुभन, दर्द और खाना निगलने में तकलीफ से हो रही है। दो से तीन दिन तक गला खराब रहने के बाद मरीजों को तेज वायरल बुखार और बदन दर्द अपनी चपेट में ले रहा है।
वहीं कान में फंगल इन्फेक्शन के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका दीक्षित ने बताया कि मौसम में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसके चलते अत्यधिक गर्मी, उमस या ठंड के दौरान बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। हवा में मौजूद धूल-धुआं और एलर्जी पैदा करने वाले कण (एलर्जेंस) नाक और गले की झिल्ली को प्रभावित करते हैं।
वहीं बारिश के चलते कान में फफूद लगने की भी समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए नहीं तो दिक्कत और बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि कान में तेज दर्द, भारीपन या हवा जैसा भरा महसूस होना। कान से पानी या मवाद आना। कम सुनाई देना या कान में खुजली होना। कान की बीमारी के शुरुआती लक्षण होते हैं।
डॉ. प्रियंका दीक्षित ने बताया कि अत्यधिक ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स या आइसक्रीम का सेवन गले में संक्रमण (इंफेक्शन) का कारण बनता है। शुरुआती सर्दी-जुकाम को नजरअंदाज करने से यह साइनस या कान के इन्फेक्शन में बदल जाता है। इसके चलते काफी दिक्कत होती है। कान में दिक्कत होने पर ये बरतें सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि कान में खुजली होने पर माचिस की तीली, बड्स या कोई नुकीली चीज डालने से बचें, इससे फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। कान की समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं। कान में तेल न डालें। बिना डॉक्टर की सलाह की कोई भी दवा न लें। नहीं तो यह परेशानी और बढ़ सकती है।
सबसे सुरक्षित उपाय यह है कि अगर इस तरह की कोई भी परेशानी दिखे तो सबसे पहले आप अपने चिकित्सक से परामर्श लें, खुद से इलाज न करें।