Gorakhpur News : 7 साल तक नहीं हुआ शक ! फिर खुला 45 लाख की ज्वेलरी चोरी का राज, दो सेल्सगर्ल गिरफ्तार

    16-Jun-2026
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गोरखपुर। कैंट थाना क्षेत्र स्थित क्रॉस मॉल रोड के सान्वी ज्वेलर्स में करीब 45 लाख रुपये के सोने और हीरे के आभूषणों की चोरी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में दुकान में काम करने वाली दो महिला सेल्सकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 9.50 लाख रुपये नकद और लगभग 25.50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजघाट क्षेत्र के हसनगंज, लालडिग्गनी निवासी मुस्कान गुप्ता और कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र स्थित शक्तिनगर निवासी नगमा खातून के रूप में हुई है। आरोपियों ने बताया कि वह चोरी के गहनों को नेपाल में बेचकर उससे नया गहना खरीद लेती थीं। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भिजवा दिया गया।

पुलिस के अनुसार, दोनों लंबे समय से ज्वेलरी शोरूम में कार्यरत थीं और उन्होंने अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। जांच में सामने आया कि दोनों लड़कियां अपने हाई-फाई शौक पूरा करने के लिए ज्वेलरी की दुकान से हार चोरी कर नेपाल में बेच देती थीं।

कैंट पुलिस के मुताबिक, मुस्कान पिछले सात वर्षों से और नगमा करीब ढाई वर्षों से शोरूम में काम कर रही थीं। नौकरी के दौरान दोनों ने शोरूम और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के कमजोर बिंदुओं को समझ लिया था। पुलिस के मुताबिक, लड़कियां ब्रांडेड कपड़े, एप्पल का मोबाइल और लक्जरी जिंदगी जी रही थीं।

जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी स्ट्रांग रूम में रखे सोने और हीरे के कीमती आभूषणों को निकाल लेती थीं और उनकी जगह बिल्कुल उसी डिजाइन के नकली गहने रख देती थीं। इस वजह से लंबे समय तक चोरी का पता नहीं चल सका।

चूड़ियां, अंगूठियां, झुमके, कान के टॉप्स और अन्य महंगे आभूषणों को धीरे-धीरे बदलकर नकली सामान रखा जाता रहा, जिससे लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ। इतना ही नहीं, जिन गहनों में अधिक संख्या में लटकन लगे होते थे, उनमें से एक-दो लटकन भी निकाल लिए जाते थे, ताकि पहली नजर में कोई अंतर पता ही न चले।


पूछताछ में यह बात भी पता चली कि चोरी किए गए गहनों को नेपाल में बेच दिया जाता था। वहां से मिले पैसों का उपयोग दोनों आरोपी अपनी पसंद के नए आभूषण खरीदने और अन्य खर्चों में करती थीं। पुलिस का कहना है कि दोनों सामान्य परिवारों से आती हैं, लेकिन हाई-फाई जीवनशैली के शौक ने उन्हें अपराध की राह पर धकेल दिया।

इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब सान्वी ज्वेलर्स के मालिक राजेश कुमार बलानी ने मार्च 2026 में वार्षिक स्टॉक ऑडिट कराया।

ऑडिट के दौरान कई आभूषण संदिग्ध पाए गए। कैरेटोमीटर से जांच में गहनों की शुद्धता शून्य निकली, जबकि कुछ सोने के गहनों का वजन भी कम पाया गया। विस्तृत जांच में पता चला कि कई आभूषणों के लटकन गायब थे और उनकी जगह नकली सामग्री रखी गई थी।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।