Maharajganj News : अब रात में भी जगमगाएगा लेहड़ा धाम, पर्यटन विभाग ने तैयार किया मेगा प्लान

    16-Jun-2026
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महराजगंज।
पूर्वांचल के प्रसिद्ध शक्ति पीठों में शुमार आद्रवन मां लेहड़ा देवी मंदिर धाम अब धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का केंद्र बनने जा रहा है। इस मंदिर परिसर के व्यापक विकास के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से संवारने की कार्ययोजना प्रशासन ने तैयार की है।

जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने इसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत पहले चरण में नौ करोड़ रुपये का विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। हरी झंडी मिलते ही मंदिर परिसर में लाइट एंड साउंड शो, हाईटेक फसाड लाइट, दुकानों के लिए आधुनिक वर्किंग शेड, विशाल पार्किंग और श्रद्धालु जनसुविधाओं को डेवेलप किया जाएगा। इसका उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान दिलाना है।

मास्टर प्लान के तहत मंदिर परिसर में स्थित दोनों जलाशयों का विशेष रूप से सुंदरीकरण किया जाएगा। मंदिर के पीछे स्थित जलाशय के एक तरफ पहले से ही घाट बना हुआ है, अब इसके दूसरी तरफ भी पक्का घाट बनाया जाएगा। साथ ही पूरे जलाशय की सफाई कर इसे आकर्षक रूप दिया जाएगा। वहीं परिसर के दूसरे जलाशय में भव्य लाइट एंड साउंड शो आयोजित करने की व्यवस्था होगी जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

लेहड़ा मंदिर परिसर में पर्यटन विकास के कार्ययोजना के अनुसार अब पुरातन आस्था के साथ आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नवीन यज्ञशाला का निर्माण कराया जाएगा। मंदिर में मन्नत पूरी होने पर कढ़ाई चढ़ाने की सदियों पुरानी पौराणिक परंपरा है, इस स्थल को अब पूरी तरह आधुनिक स्वरूप में सुविधायुक्त तरीके से तैयार किया जाएगा।


पूरे परिसर को चमकाने के लिए हाईटेक फसाड लाइटिंग की जाएगी जो रात के समय मंदिर की अलौकिक छटा बिखेरेगी। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार को भी यात्रियों की सुरक्षा व सुंदरीकरण के लिहाज से नए सिरे से री-डिजाइन किया जाएगा। मेलों के दौरान लगने वाली दुकानों को सुव्यवस्थित करने के लिए आधुनिक वर्किंग शेड बनेंगे। कोशिश है कि मंदिर में दर्शन व पूजन करने आए श्रद्धालुओं को कोई असुविधा का सामना न करना पड़े।

मां लेहड़ा देवी मंदिर को लेकर मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान इस शक्ति पीठ की स्थापना की थी। यही वजह है कि यह धाम देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है और हर साल 60 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते हैं, जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान प्रतिदिन एक लाख से अधिक भक्तों की भीड़ उमड़ती है। 25 करोड़ की इस बड़ी परियोजना से मंदिर की भव्यता बढ़ेगी और यहां धार्मिक पर्यटन को नए पंख लगेंगे।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण के लिए नौ करोड़ रुपये का विस्तृत प्राक्कलन शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्ययोजना के मुताबिक कार्य कराए जाएंगे।