Maharajganj News : 300 रुपये में इलाज का झांसा, फिर खुला कमीशन का खेल! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    19-Jun-2026
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महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों को बहला फुसलाकर निजी अस्पतालों तक पहुँचाने वाले कथित दलालों का नेटवर्क एक बार फिर चर्चा में है। इन सक्रिय दलालों को केवल कमीशन नहीं मिलता बल्कि निजी अस्पताल इन्हें बकायदा वेतन देते हैं, जिसके बदले में यह सरकारी अस्पतालों पहुंचे मरीजों को बरगला कर उन्हें सौंप देते हैं। इसके बाद सस्ते में इलाज के लिए पहुंचे मरीज से हजारों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं।

बुधवार रात एक मरीज को निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश के दौरान पकड़े गए युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर वेतन और कमीशन पर काम करने की बात स्वीकार करता दिखाई दे रहा है। हालांकि आपन महराजगंज ऐसे किसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में बुधवार की रात पहुंचे एक मरीज को दलाल बरगलाकर निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहा था। उसकी गतिविधियों पर संदेह होने पर परिजनों ने उसे पकड़कर पीट दिया और उससे पूछताछ कर एक वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग युवक से पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं।


मामले के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने पुलिस से शिकायत कर परिसर में आने वाले अराजक तत्वों पर कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं। खासकर, रात के समय में दलाल ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।

बुधवार की देर रात भिटौली से सिर में चोट लगने से घायल एक मरीज आया था। प्राथमिक जांच के बाद ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसी बीच एक दलाल वहां पहुंच गया और मरीज को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने का झांसा देने लगा।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मरीज के कुछ परिजनों ने उसे पकड़ लिया और उसे एक-दो थप्पड़ भी मारे। इसके बाद कुर्सी पर बैठाकर उससे पूछताछ करने लगे। तीमारदार दलाल के मालिक को बुलाने की भी बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में दलाल मरीज को बरगलाने की बात स्वीकार कर रहा है। उसने बताया कि वह मरीज को 300 रुपये में इलाज कराने का झांसा दे रहा था। पांच हजार रुपये वेतन और साथ में कमीशन पर यह काम करने की बात कह रहा है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐसे तत्वों पर सख्ती जरूरी है।