Maharajganj News : अब भव्य होगा लेहड़ा देवी धाम, लाइट एंड साउंड शो से लेकर आधुनिक सुविधाओं तक सब कुछ
01-Jul-2026
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महराजगंज। जनपद के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल लेहड़ा देवी मंदिर को उत्तर प्रदेश सरकार भव्य पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले लेहड़ा देवी कॉरिडोर का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर लिया गया है। इसका डीपीआर तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इसे प्रमुख सचिव पर्यटन को भेजा जाएगा। लहभग 30 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस पूरे मंदिर परिसर का आधुनिक सुविधाओं, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और धार्मिक सौंदर्यीकरण के साथ व्यापक कायाकल्प किया जाएगा।
कॉरिडोर के तहत मंदिर को अर्धचंद्राकार स्वरूप दिया जायेगा। मुख्या प्रवेश द्वार को भव्य बनाया जाएगा, जिसके दोनों ओर हाईटेक सुरक्षा कक्ष प्रसाद कक्ष, श्रद्धालु विश्राम कक्ष, फर्स्ट एड कक्ष, यूटिलिटी रूम व जूता-चप्पल स्टैंड सहित विभिन्न जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंदिर की बाउंड्री पर आकर्षक मूर्तियां स्थापित की जाएंगी व दीवारों पर बेहतरीन धार्मिक व आध्यात्मिक नक्काशी की जाएगी। घाट लाल बलुआ पत्थरों व हरित पट्टियों से सुसज्जित होगा। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए परिसर में 24 कमरों का सर्वसुविधायुक्त निवास स्थान भी बनाया जाएगा।
इस परियोजना के अंतर्गत मंदिर के सरोवर व घाटों का व्यापक सुंदरीकरण होगा। जलाशयों को स्वच्छ रखने के लिए आधुनिक नैनो बबल तकनीकी से सफाई कराई जाएगी व यहां आने वाले पर्यटकों के लिए लाइट एंड साउंड शो स्थापित होगा। इसके अलावा, पुराने घाटों के जीर्णोद्धार के साथ लाल बलुआ पत्थर से नए घाट, आधुनिक हवनकुंड व यज्ञशाला का निर्माण कराया जाएगा।
इसके अलावा, पारंपरिक कड़ाही चढ़ाने की व्यवस्था के लिए अलग स्थान, वाहनों के लिए समर्पित पार्किंग, स्थानीय दुकानों का व्यवस्थित पुनर्विकास तथा दुकानों के सामने आकर्षक फसाड और सड़क के ऊपर आधुनिक शेड भी बनाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि लेहड़ा देवी मंदिर की ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्ता को देखते हुए 45 करोड़ रुपये की लागत से भव्य कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी डीपीआर स्वीकृति के लिए प्रमुख सचिव पर्यटन को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।