Maharajganj News : मानसून से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, महराजगंज में बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी

    01-Jul-2026
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महराजगंज। मानसून की दस्तक से पहले महराजगंज ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण झरही (प्यास) नदी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

वैसे तो मानसून का सीजन 15 जून माना जाता है लेकिन इस बार मानसून थोड़ा लेट है। एक दो दिन में मानसून के दस्तक देने के आसार हैं। पहाड़ों पर बारिश शुरू हो चुकी है। तराई में भी छिटपुट बारिश हो रही है। पहाड़ पर बारिश होने के कारण कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नेपाल के पहाड़ों पर बारिश से झरही उर्फ प्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है।

प्रशासन के अनुसार जिले में बाढ़ से निपटने के लिए 29 बाढ़ चौकियां, 39 बाढ़ सुरक्षा समितियां और 6 बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं। इसके अलावा 291 गोताखोर, 70 नावें और 208 नाविक तैनात किए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।


बाढ़ के दौरान बीमारों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसको देखते हुए भी प्रशासन ने तैयारी कर रखी है। जिले में 13 रैपिड रिस्पांस टीम, 10 मेडिकल टीम, 102 एंबुलेंस 32, 108 एंबुलेंस 29, एएलएस एंबुलेंस 04, सरकारी एंबुलेंस 02 लगाए गए हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने जिम्मेदारों को बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ से पूर्व बांधों की मरम्मत करने और 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन के अनुसार बाढ़ के दौरान रोहिन नदी, बलिया नाला, मौन नाला और छोटी गंडक का जलस्तर बढ़ने से सदर तहसील के करीब 43 गांव प्रभावित होते हैं। इनमें अकेले रोहिन नदी के उफान से 29 गांव सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।