Fact Check : राजधानी के टीले की कार्बन डेटिंग रिपोर्ट निकली फर्जी? पुरातत्व अधिकारी ने किया बड़ा खुलासा
01-Jul-2026
Total Views |
महराजगंज। आज सुबह से ये खबर चल रही थी कि राजधानी के टीले की कार्बन डेटिंग रिपोर्ट आ गयी है और उसमे उत्तर वैदिक काल के प्रमाण मिले हैं लेकिन इन खबरों को गोरखपुर के क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग ने पूरी तरह निराधार बताया है। विभाग का कहना है कि ऐसी कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है और इस तरह की खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
इस संबंध में आपन महराजगंज की टीम ने गोरखपुर के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, कृष्ण मोहन दुबे से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजधानी के टीले की कार्बन डेटिंग रिपोर्ट मिलने और उसके आधार पर उत्तर वैदिक काल की पुष्टि होने संबंधी खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि वहां 2004-05 में उत्खनन कराया गया था लेकिन इसकी रिपोर्ट बहुत पहले आ गयी थी जिसमे ऐसा कुछ भी नहीं था। उन्होंने कहा कि मंगलोर की जिस यूनिवर्सिटी का नाम लेकर यह रिपोर्ट प्रकाशित की गयी है वो यूनिवर्सिटी ऐसी कोई रिसर्च कराती ही नहीं है।
उन्होंने बताया कि विभाग के पास ऐसी कोई कार्बन डेटिंग रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है, न ही पुरातत्व विभाग की ओर से इस प्रकार की कोई आधिकारिक जानकारी जारी की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पुरातात्विक महत्व के मामलों में केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
गौरतलब है कि राजधानी के टीले को लेकर यह दावा तेजी से प्रसारित हो रहा है कि वर्ष 2004-05 के उत्खनन में मिले पुरावशेषों की कार्बन डेटिंग रिपोर्ट में उन्हें उत्तर वैदिक काल का बताया गया है। लेकिन क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी के बयान के बाद ये दावे पूरी तरह ख़ारिज हो गए हैं।